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गोल गोल पानी कविता | बच्चों की प्यारी बाल कविता

गोल गोल पानी कविता: बच्चों की दुनिया तुकबंदी, खेल और कल्पनाओं से भरी होती है। छोटी-छोटी कविताएँ बच्चों के मन में खुशी, लय और भाषा का प्यार जगाती हैं। “गोल गोल पानी” एक प्यारी बाल कविता है

By Lotpot
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गोल गोल पानी कविता: बच्चों की दुनिया तुकबंदी, खेल और कल्पनाओं से भरी होती है। छोटी-छोटी कविताएँ बच्चों के मन में खुशी, लय और भाषा का प्यार जगाती हैं। “गोल गोल पानी” एक प्यारी बाल कविता है जो परिवार के स्नेह, मासूमियत और बचपन की सरल खुशी को दर्शाती है। इस कविता में बच्चा अपने मम्मी-पापा और भैया के प्रति प्यार को तुकबंदी के माध्यम से व्यक्त करता है। यही सरलता बच्चों की कविताओं की सबसे बड़ी ताकत होती है।

ऐसी कविताएँ बच्चों की भाषा विकास (language development), स्मरण शक्ति (memory skills) और रचनात्मक सोच (creative thinking) को बढ़ाती हैं। जब बच्चे तुक मिलाते शब्द बोलते हैं, तो उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यह कविता परिवार के महत्व को भी सिखाती है, जहाँ मम्मी रानी हैं, पापा राजा हैं और घर प्यार का महल है। बच्चों के लिए कविता केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है।

माता-पिता और शिक्षक इस तरह की कविताएँ बच्चों को सुनाकर उनकी बोलने की क्षमता और भावनात्मक जुड़ाव दोनों मजबूत कर सकते हैं। “गोल गोल पानी” जैसी सरल कविताएँ बचपन की यादों को हमेशा के लिए मीठा बना देती हैं।

कविता 

गोल गोल पानी

गोल गोल पानी,
मम्मी मेरी रानी।

पापा मेरे राजा,
फल खाएँ ताज़ा।

सोने की चिड़िया,
चाँदी का दरवाज़ा।

उसमें कौन आएगा?
मेरा भैया राजा। 

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