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होली कविता बच्चों के लिए लिखी गई एक रंग-बिरंगी, खुशियों से भरी और उत्साह जगाने वाली हिंदी बाल कविता है। होली भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे रंग, मिठाइयों और मिल-जुलकर हँसी-खुशी मनाने के लिए जाना जाता है। यह कविता बच्चों को त्योहार की भावना से जोड़ती है और उन्हें रंगों, परिवार और दोस्ती की खुशी का अनुभव कराती है।
कविता में घर-घर बनती मिठाइयों, गुझिया और दूध-मलाई का ज़िक्र बच्चों के मन में त्योहार की मिठास घोल देता है। लाल, हरे, नीले और पीले रंगों का वर्णन बच्चों की कल्पना को जीवंत करता है। जब बच्चे टोली बनाकर पिचकारी से होली खेलते हैं, तो कविता एक चलती-फिरती तस्वीर बन जाती है। यह बच्चों को त्योहारों की सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता समझाने का एक आसान और मज़ेदार तरीका है।
होली कविता बच्चों के लिए स्कूलों में कविता पाठ, त्योहार विशेष कार्यक्रम, हिंदी पठन अभ्यास और बाल साहित्य के लिए बहुत उपयोगी है। सरल शब्द, तुकबंदी और लय बच्चों को कविता याद रखने में मदद करती है। साथ ही यह कविता बच्चों को साझा खुशी, दोस्ती और परिवार के साथ समय बिताने का महत्व भी सिखाती है।
अगर आप बच्चों को त्योहारों की परंपरा से जोड़ते हुए हिंदी भाषा के करीब लाना चाहते हैं, तो यह कविता एक शानदार विकल्प है।
कविता: होली
रंगों का त्योहार यह प्यारा,
होली पर्व बहुत ही न्यारा।
घर-घर बनती खूब मिठाई,
गुझिया के संग दूध-मलाई।
लाल, हरे और नीले-पीले,
चले रंग सब सूखे-गीले।
बच्चे चलें बनाकर टोली,
पिचकारी से खेलें होली।
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