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“हम बच्चे” एक प्रेरणादायक बाल कविता है, जो बच्चों के आत्मविश्वास (self-confidence), सकारात्मक सोच (positive thinking) और भारतीय मूल्यों (Indian values) को बेहद सरल और सुंदर शब्दों में प्रस्तुत करती है। यह कविता बताती है कि बच्चे केवल भविष्य नहीं होते, बल्कि वर्तमान की भी सबसे मजबूत नींव होते हैं। हँसते-गाते हुए आगे बढ़ना, कठिन रास्तों से डरने के बजाय उन्हें साफ करना और हर चुनौती का सामना मुस्कान के साथ करना—यही इस कविता का मूल संदेश है।
आज के समय में, जब बच्चे कई तरह के मानसिक दबावों और प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं, ऐसी कविताएँ उन्हें साहस और उम्मीद देती हैं। यह कविता बच्चों को यह सिखाती है कि असली सफलता केवल धन और दौलत से नहीं, बल्कि बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की सोच से आती है। “हम बच्चे” कविता बच्चों में देशभक्ति (patriotism), सामूहिक खुशी (sharing happiness) और मेहनत के महत्व को भी उजागर करती है।
यह कविता स्कूलों, प्रार्थना सभाओं, बाल साहित्य (children’s literature) और नैतिक शिक्षा (moral education) के लिए बेहद उपयोगी है। सरल भाषा, स्पष्ट भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण इसे हर उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। माता-पिता और शिक्षक इस कविता का उपयोग बच्चों के व्यक्तित्व विकास और आत्मबल बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।
कविता: हम बच्चे
हम बच्चे हँसते गाते हैं,
हम आगे बढ़ते जाते हैं।
पथ पर बिखरे कंकड़-काँटे,
हम चुन-चुन दूर हटाते हैं।
आएँ कितनी भी बाधाएँ,
हम कभी नहीं घबराते हैं।
धन-दौलत से ऊपर उठकर,
सपनों के महल बनाते हैं।
हम खुशी बाँटते दुनिया को,
हम हँसते और हँसाते हैं।
सारे जग में सबसे अच्छे,
हम भारतीय कहलाते हैं।
