/lotpot/media/media_files/2026/02/16/sone-ki-chidiya-bal-kavita-2026-02-16-11-24-56.jpg)
सोने की चिड़िया:- बचपन की कविताएँ बच्चों की कल्पनाओं को पंख देती हैं। “सोने की चिड़िया” एक ऐसी प्यारी बाल कविता है जो सपनों, दोस्ती और उड़ान की भावना को दर्शाती है। इस कविता में एक सुनहरी चिड़िया बच्चे की दोस्त बन जाती है। वह मोती का दाना लाती है, गोद में बैठती है और फिर साथ मिलकर आसमान की ओर उड़ने का सपना दिखाती है। यही बचपन की खूबसूरती है — जहाँ हर चीज़ संभव लगती है और हर कल्पना सच जैसी महसूस होती है।
ऐसी कविताएँ बच्चों में भाषा प्रेम, तुकबंदी की समझ और रचनात्मक सोच विकसित करती हैं। जब बच्चे “सोने की चिड़िया” जैसी कविताएँ सुनते हैं, तो उनकी कल्पनाशक्ति मजबूत होती है और वे प्रकृति से जुड़ाव महसूस करते हैं। कविता दोस्ती, खुशी और साझा सपनों का संदेश देती है। माता-पिता और शिक्षक इस तरह की कविताओं के माध्यम से बच्चों को पढ़ने, बोलने और भावनाएँ व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
बाल कविताएँ केवल मनोरंजन नहीं होतीं, बल्कि वे सीख और संवेदनशीलता का माध्यम भी होती हैं। यह कविता बच्चों को सिखाती है कि सपने देखना और खुशी बाँटना जीवन का सबसे सुंदर हिस्सा है।
सोने की चिड़िया
सोने की चिड़िया, सोने के पर,
चिड़िया उड़ गई फर-फर्र-फर्र।
मोती का दाना लाई चिड़िया,
मेरी गोद में आई चिड़िया।
हम दोनों मिलकर गाएँगे,
नील गगन में उड़ जाएँगे।
