जासूसी कहानी - जासूस नन्हा कृष्णा
एक छोटे से गाँव में, जहाँ हर कोई शांतिपूर्वक जीवन जीता था, वहाँ एक नन्हा सा लड़का कृष्णा रहता था। कृष्णा को बचपन से ही जासूसी का बहुत शौक था। उसे हमेशा नई-नई रहस्यमय घटनाओं का पता लगाने में मजा आता था।
एक छोटे से गाँव में, जहाँ हर कोई शांतिपूर्वक जीवन जीता था, वहाँ एक नन्हा सा लड़का कृष्णा रहता था। कृष्णा को बचपन से ही जासूसी का बहुत शौक था। उसे हमेशा नई-नई रहस्यमय घटनाओं का पता लगाने में मजा आता था।
गाँव में राजू, पिंकी, सोनू और मोनू नाम के चार शरारती दोस्त रहते थे। वे पूरे गाँव में अपनी मस्ती और मजेदार कारनामों के लिए मशहूर थे। लेकिन उनके गाँव की सबसे बड़ी मुसीबत थी—भोलू काका का आँगन!
एक छोटे से शहर में, जहाँ हर दिल में बड़े सपने पलते थे, वहीं रहता था आर्यन नाम का एक नन्हा बच्चा। आर्यन का मन हमेशा ऊँचे-ऊँचे सपने देखने में लगा रहता था, पर रोजमर्रा की जिंदगी उसे छोटे-छोटे कदमों में बाँध लेती थी।
सेठानी जी को अपनी रसोई से बहुत प्रेम था। वहाँ काम में आने वाली सभी वस्तुओं को जमा करना उनकी आदत बन गई थी। जहाँ कहीं भी रसोईघर में काम आने वाली कोई भी वस्तु मिल जाती, वे उसे ले आतीं।
उस रोज टिमटु जासूस रात को बहुत देर से सोया था, इसलिए सुबह के आठ बजने पर भी उसकी नींद नहीं खुल रही थी। सूरज सिर पर चढ़ आया था, लेकिन टिमटु खर्राटे ले रहा था। उधर उसका साथी मिमटु जासूस आकर बाहर लगी घंटी पर अपना गुस्सा उतार रहा था।
एक छोटे से गाँव में बबलू नाम का एक लड़का रहता था। बबलू न केवल बहादुर था, बल्कि बहुत जिज्ञासु भी। उसे नई-नई जगहों पर जाना और चीजों को समझना बेहद पसंद था।
गांव के किनारे एक बड़ा सा घर था, जिसमें रामू नाम का एक आदमी रहता था। रामू मेहनती था, लेकिन उसकी भूख इतनी बड़ी थी कि गांव भर में उसकी भूख के चर्चे होते थे। रामू जब भी खाना खाने बैठता, लोग कहते,