हिंदी बाल कविता: नाचते मोर
इस कविता में मोर की अद्भुत सुंदरता और उसकी आवाज़ का जिक्र है, जो हर ऋतु की शुरुआत को दर्शाती है। मोर के पंखों की अद्वितीयता और रंगों की छांव की प्रशंसा करती इस कविता में विजय, सौंदर्य और कल्पना का मिलाजुला रूप प्रस्तुत किया गया है।