Fun Story: गोनू झा की चतुराई
मिथिला नरेश की सभा में उनके बचपन का मित्र परदेश आया था। नरेश उन्हें अपने अतिथि कक्ष में ले गए। उन्होंने अपने मित्र की खूब आवभगत की। अचानक मित्र की नजर दीवार पर लगे एक चित्र पर गई।
मिथिला नरेश की सभा में उनके बचपन का मित्र परदेश आया था। नरेश उन्हें अपने अतिथि कक्ष में ले गए। उन्होंने अपने मित्र की खूब आवभगत की। अचानक मित्र की नजर दीवार पर लगे एक चित्र पर गई।
दादाभाई नौरोजी एक भारतीय सामाजिक राजनीतिक नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापकों में से एक थे। एक प्रमुख राष्ट्रवादी लेखक और प्रवक्ता, वह ब्रिटिश संसद में सदस्यता के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय थे।
एक घने जंगल में गिद्धों का एक झुण्ड रहता था। गिद्ध झुण्ड बनाकर लम्बी उड़ान भरते और शिकार की तलाश किया करते थे। एक बार गिद्धों का झुण्ड उड़ते उड़ते एक ऐसे टापू पर पहुँच गया जहां पर बहुत ज्यादा मछली और मेंढक खाने को थे।
संडे का दिन था नटखट नीटू अपने दोस्तों के साथ मछली पकड़ने का प्लान बनाता है। रास्ते में जाते वक़्त टीटा नीटू से पूछता है की हम लोग मछली पकड़ने कहाँ जा रहे हैं?
लाला पीतांबरलाल धरमपुरा रियासत के दीवान थे। पचास गांव की इस छोटी-सी रियासत के राजा शिवपालसिंह एक कर्तव्यनिष्ठ, दयालु और प्रजा के हित में काम करने वाले धर्म प्रिय राजा थे।
एक समय था जब भारत देश में विशेषकर स्त्रियां नियमित रूप से व्रत रखती थीं मेरी मां स्वयं भी व्रत रखती थीं और मेरी बहनों से भी अनुरोध करती थीं कि वे सप्ताह में एक दिन व्रत अवश्य रखें।