गुलमर्ग में घूमने वाली 5 उम्दा जगह जो आपको आएगी बेहद पसंद

गुलमर्ग ( Gulmarg) यानी फूलों की चारागाह को उसका नाम 16वी शताब्दी में चाक वंश के सुल्तान युसूफ शाह ने दिया था। गुलमर्ग करोड़ों पर्यटकों को अपनी खूबसूरती की तरफ खींचता है। बाॅलीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग भी इस खूबसूरत जगह पर की जा चुकी है। 2650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुलमर्ग पीरपंजल की बर्फ से ढकी चोटियों से घिरा हुआ है। फूलों का चारागाह और अल्पाइन जंगल इसमें और रंग भरता है।

श्रीनगर से गुलमर्ग की दूरी 54 किलोमीटर  है। कश्मीर के गुलमर्ग में गोंडोला राइड बहुत मशहूर है। इसके अलावा यहाँ खिलनमर्ग वैली, जमी हुई अपलाथेर झील भी पर्यटकों के बीच मशहूर है। गर्मियों में गुलमर्ग (Gulmarg) का तापमान सुहावना रहता है और सर्दियों में यह 0 से भी नीचे चला जाता है।

कई लोग भारत में स्की करने के लिए गुलमर्ग को बेहतरीन जगह मानते है। यहाँ बर्फ पाउडर की तरह और उम्दा क्वालिटी की होती है।स्की सीखने वाले लोगों द्वारा बनाई ढलान से शुरूआत कर सकते है और एक्सपर्ट ऊँची ढलान पर स्की का मजा ले सकते है । यहाँ पर आपको स्की करने के लिए किराये पर भी सामान मिल जाता है और आपकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाता है।

गुलमर्ग गोंडोलाः

Top 5 great places to visit in Gulmarg

क्या आप दुनिया की सबसे ऊँची केबल कार पर सवारी करना चाहते है? गुलमर्ग (Gulmarg) केबल कार आपको फेज 1 में गुलमर्ग से कोंगडोरी वैली पर अल्पाइन के जंगल और बर्फ से ढकी चोटियों के बीच ले जाती है और इसकी ऊंचाई 8530 फीट है। फेज 2 आपको माउंट अफरवात ले जाता है जो 12293 फीट ऊँचा है।

खिलनमर्ग वैली:

वसंत ऋतु में यह वैली एक कलाकार की कला जैसी लगती है। जंगली फूल इस हरी भरी वैली को अपने रंगों से भर देते है। आप यहाँ गुलमर्ग इने स्टाॅप से 6 किलोमीटर चलकर पहुँच सकते है। नंगा पर्वत, हिमालय, नुन और कुन चोटियों को देखकर आपका मन खुश हो जायेगा।

अपलाथेर झीलः

अफरवात चोटी पर मौजूद यह झील पूरे साल जमी रहती है और लोगों को परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए बढ़िया जगह देती है।

बाबा रेशी, सैंट मैरी चर्च, रानी मंदिरः

(Gulmarg) गुलमर्ग में बाबा रेशी की गुफा संत बाबा पयाम उद्दीन को समर्पित है और इसे 1480 में बनाया गया था। इसके मकबरे में पर्शियन और मुगल आर्किटेक्चर स्टाइल देखने को मिलता है। सैंट मैरी चर्च एक सदी पुरानी है और इसे अंग्रेजों ने बनाया था। रानी मंदिर को 1915 में मोहिनी बाई सीसोदिआ ने बनवाया था, वह कश्मीर के आखिरी राजा महाराजा हरी सिंह की पत्नी थी।

स्कीइंग और माउंटेनियरिंग के लिए भारतीय संस्थानः

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1969 में एडवेंचर खेलों को बढ़ावा देने के लिए इसे गुलमर्ग में बनाया गया। आप मध्य दिसंबर से अप्रैल तक बर्फ स्कीइंग के लिए खुद को रजिस्टर कर सकते है और मई से अगस्त महीने तक पानी की स्कीइंग, सितम्बर और अक्टूबर में ट्रैकिंग प्रोग्राम के लिए अपना नाम नामांकित कर सकते है।

गुलमर्ग में मौसमः

फूलों से भरे मैदानों की खूबसूरती देखने के लिए आपको यहाँ वसंत ऋतु और गर्मियों में जाना चाहिए और बर्फ में मजे करने के लिए सर्दियों में जाना चाहिए। यहाँ पर इतनी बर्फ होती है कि आप स्नोमैन की पूरी फौज बना सकते है।जुलाई से सितम्बर तक यहाँ ऑफ सीजन होता है।

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