Jungle Kahani : हंस और उल्लू
बहुत समय पहले की बात है। एक शांत और सुंदर झील के किनारे एक हंस और उल्लू रहते थे। दोनों में गहरी दोस्ती थी और वे साथ में अपना समय खुशी-खुशी बिताते थे। दिन के समय हंस झील में तैरता और उल्लू पेड़ की शाखाओं पर आराम करता।
बहुत समय पहले की बात है। एक शांत और सुंदर झील के किनारे एक हंस और उल्लू रहते थे। दोनों में गहरी दोस्ती थी और वे साथ में अपना समय खुशी-खुशी बिताते थे। दिन के समय हंस झील में तैरता और उल्लू पेड़ की शाखाओं पर आराम करता।
एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में "मोती" नाम का एक कबूतर रहता था। मोती अपने सुंदर सफेद पंखों और होशियारी के लिए जाना जाता था। लेकिन उसकी खासियत थी उसकी चतुराई।
एक बार की बात है, हरे-भरे जंगल में एक छोटा सा खरगोश, जिसका नाम चीकू था, अपने माता-पिता के साथ रहता था। चीकू बहुत आलसी था। वह हमेशा अपनी मम्मी-पापा के कहने पर भी काम करने से कतराता। हर बार मम्मी उसे समझातीं,
एक बार की बात है, एक घने जंगल में हाथी राजा बबलू रहते थे। बबलू बहुत बड़े, मजबूत और दिल के साफ थे, लेकिन उनके बारे में एक समस्या मशहूर थी—वे बेहद भूलक्कड़ थे।
एक घने जंगल के किनारे, बांस की झाड़ियों के बीच चुहिया रानी का छोटा सा घर था। चुहिया रानी, जो सबकी प्यारी और शरारती थी, दिन भर इधर-उधर उछल-कूद करती रहती।
जंगल में एक नटखट गधा अपनी शरारतों के लिए मशहूर था। उसकी हरकतें जानवरों को परेशान कर देती थीं। एक दिन उसे एक चमत्कारी चश्मा मिलता है, जो उसे हर चीज़ का असली रूप दिखाता है।
एक घना जंगल था, जहाँ अलग-अलग तरह के जानवर रहते थे। उसी जंगल में मोनू नाम का एक चालाक बंदर भी रहता था। मोनू अपनी शरारतों और चतुराई के लिए पूरे जंगल में मशहूर था।