Positive News: सिर्फ तीस सेकंड में गन्दा पानी होगा साफ

जल प्रदूषण के गहराते संकट से उबरने के लिए भारतीय वैज्ञानिक शोध करते जा रहे हैं, भारतीय विज्ञान एवं अनुसंधान संस्था के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोजी है जो सिर्फ तीस सेकंड में गंदे पानी को साफ करके उसे पीने योग्य बना देती है।

By Lotpot Kids
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सिर्फ तीस सेकंड में गन्दा पानी होगा साफ

Positive News सिर्फ तीस सेकंड में गन्दा पानी होगा साफ:- जल प्रदूषण के गहराते संकट से उबरने के लिए भारतीय वैज्ञानिक तरह तरह के शोध करते जा रहे हैं, ऐसे में भारतीय विज्ञान एवं अनुसंधान संस्था के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोज निकाली है जो सिर्फ तीस सेकंड में गंदे पानी को साफ करके उसे पीने योग्य बना देती है। (Positive News)

दरअसल नदी, नालों, तालाबों या किसी भी जलाशय में अक्सर बहुत सारे घुलनशील, जहरीले, अदृश्य कण, जीवाणु, बैक्टीरिया, वायरस और तरह तरह के रसायन भरे रहते हैं जैसे प्लास्टिक, कंपनियों से निकलने वाला केमिकल, खेतों में छिड़कने वाले पेस्टीसाइड जो सिंचाई के पानी से बहकर नदी नाले के जल में मिल जाते हैं, जिसके कारण वह जल पीने या किसी अच्छे कार्य के योग्य नहीं रहता है। (Positive News)

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लेकिन अब भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसन्धान संस्था के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी टेक्नीक खोज निकाली...

लेकिन अब भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसन्धान संस्था के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी टेक्नीक खोज निकाली है जो सिर्फ तीस सेकंड में पानी के सारे दूषित कणों को सोख लेता है और इस आसान तथा कम लागत के उपाय से किसी भी तरह का गन्दा पानी आधे मिनट में दोबारा उपयोग के लायक हो जाता है।

पिछले तीन वर्षों से भारतीय विज्ञान एवं अनुसंधान संस्था के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर अभिजीत पात्रा, शोधार्थी अर्कप्रभा गिरी और शुभा विश्वास तथा उनकी टीम ने मिलकर पानी के शुद्धिकरण का यह तकनीक ढूँढ निकाला है जिसे कार्बोनिक पॉलिमर कहते हैं जिसे तीन प्रकार के रसायन, ट्रिपटोसीन,  डायक्लोरोमेथान और एल्युमिनियम क्लोराइड  को मिलाकर बनाया गया है जिसके अंदर होता है कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और सल्फर। इस बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर अभिजीत पात्रा ने बताया कि कार्बोनिक पॉलिमर द्वारा सोखने की प्रक्रिया के प्रथम चरण में यह स्पंज की तरह पानी में उपस्थित घुलनशील गंदगी को सोख लेता है, इसके अगले चरण में पानी में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को भी निकाल कर पानी को बिल्कुल शुद्ध कर दिया जाता है। एक चम्मच पॉलीमर से तीन लीटर पानी शुद्ध किया जा सकता है। (Positive News)

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इस प्रकार फैक्ट्री, कृषि, घरेलू गंदगी, औद्योगिक कचरे, अस्पताल से निकलने वाले दूषित जल को साफ करके दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है।

इसका इस्तमाल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भी किया जा सकता है। हालांकि अभी बड़े पैमाने पर इस्तमाल होने पर इसकी लागत कितनी होगी यह तय नहीं है पर फिर भी यह काफी सस्ता पड़ेगा। (Positive News)

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