Posts Tagged "Lotpot Magazine"

7Nov2020

मज़ेदार कहानी:सपने में देखा खजाना – मुगल सिपहसालार शायस्त खाँ बड़ा बुद्धिमान था। उसे विज्ञान और कला से बड़ा प्रेम था। फुर्सत के क्षणों में वह कला और विज्ञान पर नई नई खोजें किया करता था।

5Nov2020

बाल कहानी : (Hindi Kids Story) सुबह का भूला- सोनू आठवीं कक्षा में पढ़ता था। पढ़ाई लिखाई और खेलकूद दोनों में ही वह काफ़ी अच्छा था। देखने भालने में भी बुरा नहीं था। परन्तु उसकी एक आदत बड़ी खराब थी।

प्रायः सोनू अपने साथियों से झूठ बोलता रहता। उन्हें किसी न किसी बहाने परेशान करने और मूर्ख बनाने में उसे बड़ा आनन्द मिलता था।

ऐसा करते समय वह कभी नहीं सोचता कि उसके साथी इस बात से कितने दुखी होतेे थे।

एक बार सोनू ने अपनी माँ से लालन्दा नाम की एक परी की कहानी सुनी। मां ने बताया था कि लालन्दा परी कठिनाई में फँसे बच्चों की बहुत सहायता करती थी। तभी सोनू के दिमाग में एक नई शरारत सूझी।

Hindi Kids Story It's Never too late

प्रेरणादायक बाल कहानी : सेवा का व्रत

अगले दिन सोनू ने अपने मित्र विकास से कहा कि लालन्दा परी बच्चों के पैसे दोगुनेे कर देती है।

वह कैसे?

विकास के पूछने पर सोनू ने बताया, कल रात को लालन्दा परी मेरे सपने में आई थी। उसने कहा कि गांव के कुएं के पास वाले पीपल की जड़ में हम जितने पैसे गाडेंगे, अगले दिन वहीं खोदने पर हमें दोगुने पैसे मिलेंगे।

शाम होने पर सोनू चुपचाप कुएं की ओर चल पड़ा। तभी आकाश में बादल छा गए। इससे चारों ओर बहुत गहरा अंधेरा हो गया।

सोनू कुएँ के पास पहुंचकर पीपल के नीचे खोदने लगा। तभी उसके कानों में मधुर संगीत के स्वर सुनाई दिए। सोनू को लगा कि पीपल के ऊपर प्रकाश सा फैल गया। उसने गर्दन उठाकर ऊपर देखा तो स्तब्ध रह गया।

लालच का नतीजा

पीपल की एक मोटी सी डाल पर एक सुन्दर परी बैठी मुस्करा रही थी। उसके चांदी जैसे सफेद कपड़ों से जैसे रोशनी की किरणें फूट पड़ी थीं। उसके सुन्दर पंखों को देखकर तो सोनू मुग्ध होने लगा।

ऐसे क्या देख रहे हो?

सोनू?

तुम कौन हो?

अरे मुझे नहीं पहचानते?

तुमने ही तो कहा था कि लालन्दा परी गाड़े गए पैसों को दोगुना कर देगी। इसलिए तो मैं यहाँ आई हूँ।

तो तुम लालन्दा परी हो?

हाँ, लेकिन यहाँ आने के लिए पूरे आकाश में उड़ना पड़ा। इतनी देर तक मैं एक साथ कभी नहीं उड़ी। मैं बहुत थक गई हूँ।

तो तुमने इतनी तकलीफ क्यों उठाई?

सोनू ने उत्सुकता के साथ पूछा तो लालन्दा परी कहने लगी। केवल अपने आप को सच्चा रखने के लिए।

क्या मतलब?

Hindi Kids Story It's Never too late

मतलब यह कि तुमने मेरा नाम लेकर विकास से झूठ कहा। अगर मैं यहाँ आकर उसके पैसे दुगुने नहीं करती तो वह मुझे झूठी और धोखेबाज़ कहता। इसमें मेरी कितनी बदनामी होती?

लालन्दा परी की बात सुनकर सोनू सोच में पड़ गया।

क्या सोचने लगे सोनू?

मैं सोच रहा था कि अपने आपको झूठा होने से बचाने के लिए आपने कितनी पेरशानी उठाई है। पर क्या मजाक में बोले झूठ से भी बदनामी होती है?

झूठ तो झूठ ही होता है चाहे वह हँसी ही क्यों ना हों।

झूठ बोलने वाले का मान नहीं रहता।भविष्य में कोई उसका विश्वास नहीं करता और कठिनाई आने पर कोई उसका साथ नहीं देता।

लालन्दा परी की बात सुनकर सोनू दुखी हो उठा। उसे अपनी भूल का आभास हो गया और वह मन ही मन पश्चाताप भी करने लगा। उसकी यह दशा देखकर लालन्दा परी उसे समझाने लगी।

सुबह का भूला यदि शाम को घर लौट आए तो वह भूला नहीं कहलाता। तुम वचन दो कि आगे से कभी झूठ बोलकर किसी को परेशान नहीं करोगेे। और हाँ विकास को भी सब सच सच बता दोगेे।

मैं वचन देता हूँ।

अगले दिन सोनू विकास के पास स्कूल जाने से पहले गया। उसे अपने झूठ और लालन्दा परी वाली सारी बात सच सच बता दी।

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19Oct2020

प्यारे बच्चों, ये चिड़िया अपने घर का रास्ता भूल गई है, बस आपको इस चिड़िया को अपने घर तक पहुँचाने में इसकी मदद करनी होगी. लेकिन पहले आपको इस इमेज को डाउनलोड करना है और प्रिंट निकालना है, तभी आप इस भूल भुलैया हल कर पाएंगे.

19Oct2020

Colour the Picture | रंग भरो -20: प्यारे बच्चों, फिर हम आपके लिए लायें हैं एक मज़ेदार चित्र जिसे रंग भरने में आपको मज़ा आ जायेगा.
इसमें माँ लक्ष्मी जी का सुन्दर चित्र है, जिसको भरने के लिए आपको एक तरफ नमूना चित्र भी दिया हुआ है.

17Oct2020

बाल कहानी : (Hindi Kids Story) दीपावली का क्या महत्व है?- दशहरे का त्यौहार अभी बीता भी न था कि पलक झपकते ही दीपावली आ गई। कितनी मधुरता व सौम्यता है इस नाम में इसका अर्थ है ‘दीपों की पंक्ति’ हरिवंशराय बच्चन ने भी कहा है-

15Oct2020

जंगल कहानी (Jungle Story): वनराज की अदालत – बंदर पेड़ों की डालियों पर झूलता हुआ आया और हथौड़ा उठाकर टन-टन-टन से घंटा बजा दिया। जिसकी आवाज सुनकर जंगली जानवर अपनी अपनी फरियाद लेकर बरगद के नीचे वाली अदालत में आ गए।

13Oct2020

भारत के मशहूर त्योहार दशहरा (Dussehra) ने हमें हमेशा सिखाया है की अच्छाई और बुराई की लड़ाई में जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है। विजयदशमी के नाम से जाने जाने वाला यह त्योहार हिन्दी महीने के आश्विन के दसवे दिन मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन महीनो के हिसाब से सितम्बर या अक्टूबर में पड़ता है।
भारत में विजयदशमी या दशहरा दो वजहों से मनाया जाता हैः

8Oct2020

शेख चिल्ली के स्कूल में कल फेंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन है, शेख चिल्ली और मल्लिका नूरी को बोलकर वो अपनी ड्रेस्सेस मंगवाते हैं. उसी रात बुरी चुड़ैल जादू से मल्लिका को बिल्ली बना देती है और खुद मल्लिका बन जाती है, अगले दिन स्कूल में ड्रेस कॉम्पिटिशन में अपनी अपनी ड्रेस दिखाते हैं. लेकिन नकली मल्लिका यानी बुरी चुड़ैल किसी बहाने से नीलमणि मांगती है, आगे क्या हुआ क्या शेख चिल्ली ने नीलमणि बुरी चुड़ैल को दे दी? क्या बुरी चुड़ैल नीलमणि हासिल कर पायेगी जानने के लिए पढ़िए ये कॉमिक “शेख चिल्ली और सुपर हीरो”

7Oct2020

आज रावण दहन का दिन है और टीटा ने रावण के पुतले में कुछ हलचल होते देखी और इसकी खबर उसने नटखट नीटू को दी, ये बात नटखट नीटू को भी हजम नहीं हुई तो, उसने वहां जाने का प्लान बनाया, जब देखा तो….ना ना दोस्तों ये बात हम नहीं बताएँगे, इसके लिए आपको ये कॉमिक पढ़नी होगी जिसका नाम है “नटखट नीटू और रावण दहन”

5Oct2020

आज दशहरा है और मोटू पतलू रामलीला ग्राउंड में तेज़ी से भागे जा रहे है. वही दूसरी तरफ के चोर किसी महिला का पर्स लेकर भाग रहा है, तभी मोटू उस चोर से टकरा जाते हैं और चोर पकड़ा जाता है, इसके बाद महिला का बैग उसके पास पहुंचा देते हैं …. तो क्या मोटू पतलू दशहरा में रावण दहन देख पाएंगे, जानने के लिए पढ़ें ये मज़ेदार कॉमिक मोटू पतलू और रावण दहन.