बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कहानी - पिता की सीख
राहुल 12 साल का एक होशियार लड़का था, जो एक बड़े शहर में रहता था। वह मोबाइल, वीडियो गेम और इंटरनेट की दुनिया में खोया रहता था। उसके पापा, अमित शर्मा, एक सफल बिज़नेसमैन थे।
राहुल 12 साल का एक होशियार लड़का था, जो एक बड़े शहर में रहता था। वह मोबाइल, वीडियो गेम और इंटरनेट की दुनिया में खोया रहता था। उसके पापा, अमित शर्मा, एक सफल बिज़नेसमैन थे।
Web Stories: यह कहानी हमें सिखाती है कि दया और करुणा केवल दूसरों की मदद ही नहीं करतीं, बल्कि किसी न किसी रूप में हमें भी उसका फल मिलता है।
Web Stories: रोहन एक तेज़-तर्रार और होशियार लड़का था, जो अपनी पढ़ाई और टेक्नोलॉजी में बहुत तेज़ था। वह शहर के एक बड़े स्कूल में पढ़ता था और हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश
रोहन एक तेज़-तर्रार और होशियार लड़का था, जो अपनी पढ़ाई और टेक्नोलॉजी में बहुत तेज़ था। वह शहर के एक बड़े स्कूल में पढ़ता था और हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करता था। लेकिन एक दिन उसके स्मार्टफोन ने उसकी ऐसी मदद की, जो उसने कभी सोची भी नहीं थी!
यह कहानी हमें सिखाती है कि दया और करुणा केवल दूसरों की मदद ही नहीं करतीं, बल्कि किसी न किसी रूप में हमें भी उसका फल मिलता है। किसी पर उपकार करने से हम कभी गरीब नहीं होते, बल्कि हमारी आत्मा और ज्यादा समृद्ध हो जा
बहुत पुरानी बात है। राजस्थान के जैसलमेर जिले के एक गांव में रामू पटेल नाम का एक किसान रहता था। वह अपनी मेहनत और ईमानदारी के लिए गांव में जाना जाता था, लेकिन एक समस्या थी
गर्मियों की दोपहर थी। एक हरा-भरा गांव, जहां खुली हवा, हरे-भरे खेत और तालाब के किनारे खेलते बच्चे खुशियों से भरे रहते थे। उसी गांव में मधु नाम का एक चंचल और नटखट लड़का रहता था।