हिंदी जंगल कहानी: गधे ने होटल खोला
मुर्खानंद गधे ने जब होटल खोला, तो जंगल के जानवरों को बड़ा आश्चर्य हुआ। कारण वे सभी यह अच्छी तरह जानते थे कि गधे जी होटल नहीं चला पाएँगे। भला अनपढ़ भी किसी काम का होता है।
मुर्खानंद गधे ने जब होटल खोला, तो जंगल के जानवरों को बड़ा आश्चर्य हुआ। कारण वे सभी यह अच्छी तरह जानते थे कि गधे जी होटल नहीं चला पाएँगे। भला अनपढ़ भी किसी काम का होता है।
सुंदरवन में पलटू नाम का एक गधा रहता था। वह हर समय उटपटांग हरकत करता रहता था और बिना मतलब की बातें सोचा करता था। कभी-कभी उसकी सोच के चक्कर में जंगल के जानवर भी फंस जाते थे।
एक दिन की बात है, लूसी लोमड़ी को आसपास कहीं भोजन नहीं मिला तो वह घने जंगल में पहुंच गई। कुछ दूर पर उसे अपना शिकार दिखाई दिया जिसे खाने के लिए वह आगे बढ़ रही थी कि अचानक वहां एक शेर आ गया।
एक चिंटू नाम का बंदर था। वह बहुत शरारती और नटखट था। उसके कारण जंगल के सारे जानवर बहुत परेशान रहते थे। शरारत करने के बाद वो अपने आपको इस चालाकी से बचा लेता कि कोई उसे कुछ कह भी ना पाता।
रूमा गिलहरी फुदक-फुदक कर अमरूद इकट्ठे कर रही थी। कभी इस डाल पर तो कभी उस डाल पर, बेचारी थक कर चूर हो गई थी। "क्या बात है रूमा बहन? आज अचानक इतनी दौड़-धूप?"
पिछले कुछ दिनों से बंकट वन में बहुत चहल-पहल है। इसका कारण है जंगल में होने वाला चुनाव। जंगल के राजा शेर सिंह ने खुद घोषणा की है कि वह जंगल में लोकतंत्र लाना चाहते हैं।