Moral Story: भक्तों का ढोंग
एक बार नारद मुनि पृथ्वी लोक के भ्रमण को आए। घूमते-घूमते नारद मुनि एक मंदिर के पास पहुंचे। मंदिर में भक्तों की भक्ति को देखकर उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ। मंदिर में भक्तगण भगवान विष्णु की आराधना कर रहे थे।
एक बार नारद मुनि पृथ्वी लोक के भ्रमण को आए। घूमते-घूमते नारद मुनि एक मंदिर के पास पहुंचे। मंदिर में भक्तों की भक्ति को देखकर उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ। मंदिर में भक्तगण भगवान विष्णु की आराधना कर रहे थे।
रविवार का दिन यानि छुट्टी का दिन और उस पर से ठंड का मौसम यानि दिसंबर का महीना। रूपेश के घर आज उसके सभी दोस्त मौजूद थे और आंगन में धूप में कुर्सी टेबल जमाए रूपेश अपने दोस्तों के साथ कैरम के खेल में पूरी तरह खोया हुआ था।
बोधगया बिहार के गया जिले में एक बौद्ध तीर्थ स्थल है। बोधगया महाबोधि मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, यहीं पर बोधि वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। यह अब यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है।
बोधगया बिहार के गया जिले में एक बौद्ध तीर्थ स्थल है। बोधगया महाबोधि मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, यहीं पर बोधि वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। यह अब यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है।
सुबह के सात बज रहे थे, नटखट नगर के लोग सुबह के काम निपटा रहे थे। रोबो और डोगो दोनों गार्डन में सुबह की धुप का मज़ा ले रहे थे। तभी रोबो, डोगो से बोलता है कि ओ! नाचीज़ जानवर बादशाह अकबर के सामने अदब से खड़ा हो।
चुनमुन चूहा बहुत ही पेटू था। उसे हर समय सिर्फ खाने की ही फिक्र लगी रहती थी। खाने की लालच में कभी-कभी तो वह अपने पड़ोसियों के घरों में भी घुस जाता था और जो भी खाना उसे नजर आता, वह फौरन चट कर जाता।