/lotpot/media/media_files/2026/01/22/banda-haazir-ho-funny-kids-story-hindi-3-2026-01-22-15-32-08.jpg)
बंदा हाज़िर हो: गप्पू की अति-उत्साही और चटपटी दास्तान
बंदा हाज़िर हो: गप्पू की अति-उत्साही और चटपटी दास्तान
दुनिया में आपने कई तरह के लोग देखे होंगे। कुछ आलसी होते हैं, कुछ मेहनती, लेकिन 'चुलबुली नगर' के गप्पू जैसा शायद ही कोई हो। गप्पू की उम्र करीब 10 साल थी, उसका चेहरा गोल-मटोल था, बाल हमेशा बिखरे रहते थे और वह हमेशा एक पीले रंग की ढीली-ढाली टी-शर्ट पहनता था जिस पर एक बड़ा सा 'मुस्कुराता हुआ चेहरा' बना था।
गप्पू की एक सबसे बड़ी खूबी थी—वह हर बात को 'अक्षरश:' (Literally) सच मान लेता था। एक दिन उसने टीवी पर एक पुराना नाटक देखा जिसमें एक दरबारी झुककर कहता है, "हुज़ूर, बंदा हाज़िर है!" बस, फिर क्या था? गप्पू को यह संवाद इतना पसंद आया कि उसने इसे अपना मूल मंत्र बना लिया। उसने सोचा कि यह दुनिया का सबसे 'कूल' काम है। अब गप्पू का नया अवतार था—"बंदा हाज़िर हो!"
जब हलवाई की दुकान पर हुआ धमाका
/filters:format(webp)/lotpot/media/media_files/2026/01/22/banda-haazir-ho-funny-kids-story-hindi-1-2026-01-22-15-31-56.jpg)
गप्पू के गाँव में एक प्रसिद्ध हलवाई थे—'मिठ्ठू लाल'। मिठ्ठू लाल की जलेबियाँ जितनी गोल थीं, उनका गुस्सा उतना ही तीखा था। एक दोपहर बहुत गर्मी थी। मिठ्ठू लाल अपनी दुकान पर मक्खियाँ उड़ाते हुए खुद से बड़बड़ा रहे थे, "उफ़, ये मक्खियाँ! काश कोई इन्हें जड़ से खत्म कर देता और मेरी दुकान को चकाचक चमका देता!"
तभी पीछे से ज़ोरदार आवाज़ आई, "हुज़ूर, बंदा हाज़िर है!"
मिठ्ठू लाल उछल पड़े। गप्पू ने हाथ में एक बड़ी सी झाड़ू और पानी की बाल्टी ली हुई थी। बिना एक पल गँवाए, गप्पू ने झाड़ू को शरबत की कड़ाही की तरह घुमाना शुरू किया। उसे लगा कि मक्खियों को 'जड़ से खत्म' करने का मतलब है उन पर सीधे हमला। उसने बाल्टी भर पानी पूरी दुकान में ऐसे फेंका जैसे कोई बाढ़ आ गई हो।
मक्खियाँ तो उड़ गईं, लेकिन मिठ्ठू लाल की धोती और उनके ताज़ा समोसे पानी-पानी हो गए। जब मिठ्ठू लाल ने बेलन उठाया, तो गप्पू मुस्कुराते हुए बोला, "हुज़ूर, काम हो गया, बंदा अब चलता है!" और वह वहाँ से नौ-दो ग्यारह हो गया।
स्कूल के मास्टर जी और 'आकाश पाताल' एक करना
गप्पू का यह सिलसिला स्कूल में भी नहीं रुका। एक दिन क्लास में मास्टर जी (जिन्हें सब 'खड़ूस सर' कहते थे) बच्चों को मेहनत का महत्व समझा रहे थे। उन्होंने जोश में आकर कहा, "बच्चों, अगर तुम्हें परीक्षा में अव्वल आना है, तो तुम्हें
गप्पू की आँखें चमक उठीं। उसने अपनी डायरी निकाली और उसमें कुछ नोट किया। लंच ब्रेक होते ही गप्पू स्कूल के पीछे वाले मैदान में गया और वहाँ एक बड़ा सा गड्ढा खोदने लगा। साथ ही वह एक लंबी सीढ़ी लेकर स्कूल की छत पर चढ़ गया।
जब मास्टर जी ने उसे छत पर कूदते-फाँदते और नीचे गड्ढा करते देखा, तो चिल्लाए, "गप्पू, यह क्या कर रहे हो?"
गप्पू ने पसीना पोंछते हुए कहा, "सर, आपने ही तो कहा था कि अव्वल आने के लिए आकाश और पाताल को मिलाना पड़ेगा। मैं बस छत (आकाश) को इस गड्ढे (पाताल) से जोड़ने की कोशिश कर रहा हूँ। बस थोड़ा सा और... फिर बंदा हाज़िर हो जाएगा नंबर वन बनकर!"
मास्टर जी ने अपना सिर पकड़ लिया और समझ गए कि गप्पू के साथ मुहावरों का इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है।
गाँव के सरपंच और कीचड़ की दावत
/fit-in/580x348/filters:format(webp)/lotpot/media/media_files/2026/01/22/banda-haazir-ho-funny-kids-story-hindi-2-2026-01-22-15-31-56.jpg)
गप्पू की सबसे बड़ी परीक्षा तब हुई जब गाँव के सरपंच, 'ठाकुर ढीले सिंह', ने अपने घर पर एक बड़ी दावत रखी। ठाकुर साहब को अपनी बड़ी-बड़ी मूंछों पर बहुत नाज़ था। दावत में शहर से कुछ खास मेहमान आने वाले थे। ठाकुर साहब ने गप्पू को बुलाया (क्योंकि गप्पू काम करने में बहुत तेज़ था) और कहा, "देखो गप्पू, आज मेहमानों के स्वागत में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। जैसे ही मेहमान आएं, तुम्हें उनके पैरों में बिछ जाना है और कहना है कि यह घर आपका ही है।"
ठाकुर साहब का मतलब 'आदर-सत्कार' से था। लेकिन गप्पू? वह तो गप्पू था!
शाम को मेहमान आए। जैसे ही शहर के बड़े वकील साहब ने कार से पैर बाहर निकाला, गप्पू ने 'बंदा हाज़िर हो' का नारा लगाया और सचमुच वकील साहब के जूतों के ठीक सामने ज़मीन पर लेट गया। वकील साहब का संतुलन बिगड़ा और वे गप्पू के ऊपर से होते हुए सीधे कीचड़ भरे फूलों के गमले में जा गिरे।
गप्पू ज़मीन से उठा, अपनी टी-शर्ट साफ़ की और हाथ जोड़कर बोला, "हुज़ूर, ठाकुर साहब ने कहा था कि आपके पैरों में बिछ जाना है। बंदा हाज़िर हो गया! और हाँ, वकील साहब, यह घर आपका ही है, इसलिए आप आराम से इस गमले में सो सकते हैं!"
मेहमान तो गुस्से में लाल-पीले हो गए, लेकिन गाँव के बच्चे यह नज़ारा देखकर अपनी हँसी नहीं रोक पा रहे थे।
जब गप्पू ने अपनी अक्ल लगाई
गाँव के लोग अब गप्पू से डरने लगे थे। लेकिन एक रात, गाँव में दो चोर घुस आए। वे सरपंच के घर की दीवार फाँदने की कोशिश कर रहे थे। गप्पू पास के पेड़ पर सो रहा था (उसे लगा कि पहरेदारी के लिए 'पेड़ पर रहना' सबसे अच्छा है)।
चोरों ने आपस में फुसफुसाते हुए कहा, "भाई, काश कोई हमें अंदर जाने का रास्ता बता देता।"
अंधेरे में से एक तेज़ आवाज़ आई, "बंदा हाज़िर हो!"
चोर डर के मारे काँप गए। गप्पू पेड़ से सीधे उनके ऊपर कूदा। उसने ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना शुरू किया, "हुज़ूर, रास्ता यहाँ है! पुलिस स्टेशन का रास्ता इधर से जाता है! आइए, मैं आपको 'जड़ से' अंदर करवाता हूँ!"
गप्पू की चिल्लाहट सुनकर पूरा गाँव जाग गया और चोर पकड़े गए। पहली बार गप्पू की 'हाज़िर जवाबी' और 'बंदा हाज़िर' वाला अंदाज़ गाँव के काम आया।
निष्कर्ष: गप्पू का बदला हुआ रूप
अगले दिन पंचायत बैठी। सरपंच साहब ने गप्पू को इनाम दिया, लेकिन एक शर्त रखी। उन्होंने कहा, "गप्पू बेटा, आज से तुम 'बंदा हाज़िर हो' तभी कहना जब तुम्हें पूरी बात समझ आ जाए। हर बात को शब्दों से नहीं, दिल से समझना सीखो।"
गप्पू ने कान पकड़कर वादा किया। अब भी वह खुशमिज़ाज है, अब भी वह सबकी मदद करता है, लेकिन अब वह झाड़ू लेकर जलेबियों पर हमला नहीं करता। हाँ, अगर कभी कोई मुसीबत में हो, तो दूर से आज भी आवाज़ आती है— "हुज़ूर, फिक्र मत कीजिए, बंदा हाज़िर है!"
सीख (Moral of the Story):
किसी भी बात को आँख मूंदकर या उसका केवल शाब्दिक अर्थ निकालकर नहीं मानना चाहिए। आज्ञाकारी होना अच्छी बात है, लेकिन उसमें अपनी बुद्धि और विवेक (Common Sense) का इस्तेमाल करना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है।
और पढ़ें :
अकबर बीरबल : मूर्ख चोर का पर्दाफाश
प्रेरक कहानी: कौओं की गिनती का रहस्य
प्रेरक कथा- राजा की चतुराई और ब्राह्मण की जीत
बीरबल की चतुराई: अंडे की मस्ती भरी कहानी
लेखक: लॉटपॉट.कॉम संपादकीय टीम
Tags : best fun story for children | best hindi fun stories | best hindi fun stories in hindi | comedy and fun stories for kids | comedy and fun story | Fun Stories | Fun Stories for Kids | fun stories in hindi | fun story | fun story for kids | fun story in hindi | Hindi fun stories | hindi fun stories for kids | Hindi Fun Story | Kids Fun Stories | Kids Fun Stories hindi | kids fun stories in hindi | kids hindi fun stories | Lotpot Fun Stories | short fun stories | short fun story | short fun story in hindi | Akbar Birbal Fun Stories
