दुनिया के सबसे निडर और बहादुर कौम
दुनिया में, कई अलग-अलग प्रकार के समुदाय हैं जो संस्कृति, स्वभाव और भाषा के मामले में अलग हैं। इनमें से कुछ कौम ऐसे हैं जो अपनी निर्भीकता, बहादुरी के लिए प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं उन कौमों के बारे में :
कहते हैं कि ज्ञान का भंडार अथाह होता है यानी कि इसकी कोई सीमा नहीं होती और हमारे बड़े बूढ़ों का मानना है कि ज्ञान जहाँ से भी मिले उसे बटोर लेना चाहिये। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुये lotpot.com का फैक्ट्स सेक्शन आपको रूबरू कराएगा कुछ ऐसे तथ्यों से जो आपको हैरान कर देगी। विज्ञान, कंप्यूटर्स, जंगली जीव जंतु, आर्ट्स एवं आर्कियोलॉजी, ब्रह्मांड के रहस्य या फिर राजनीति के पहलू, हम आपके लिये कई सारे तथ्यों का खजाना लेकर आए हैं। तो फिर जाइए और सब्सक्राइब कीजिए lotpot.com को और अपने ज्ञान को असीमित बनाइये।
दुनिया में, कई अलग-अलग प्रकार के समुदाय हैं जो संस्कृति, स्वभाव और भाषा के मामले में अलग हैं। इनमें से कुछ कौम ऐसे हैं जो अपनी निर्भीकता, बहादुरी के लिए प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं उन कौमों के बारे में :
महा शिवरात्रि भगवान शिव के सम्मान में भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। यह पवित्र फाल्गुन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है, जो आमतौर पर फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत के बीच आता है। महा शिवरात्रि पूरे भारत में विभिन्न रूपों में व्यापक रूप से मनाई जाती है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण और आम उत्सव "शिव भक्ति की रात्री जागरण " है।
दुनिया भर के बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं की पहली पसंद, लोटपोट के प्यारे कार्टून कैरेक्टर मोटू के समोसा क्रेज के बारे में सबको पता है और मजे की
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस, भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जिसे बहुत धूमधाम से हर साल हमारे देश में मनाया जाता है। स्कूल हो या शिक्षा संस्थान
कहते है जहाँ चाह है वहां राह है। इसी चाह ने प्रफुल्ल बिल्लोरे को कामयाबी की मंजिल दिलाई। 'एम बी ए चाय वाला' के मालिक प्रफुल्ल बिल्लोरे ने बचपन से ही कुछ बनने का सपना देखा था और आखिर अपनी मेहनत, हिम्मत और बुद्धि से उन्होंने वो कर दिखाया
अक्सर हम सड़क के किनारे, रेल्वे स्टेशन, पार्क, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या चर्च के आसपास गरीब लोगों और बच्चों को भीख मांगते देखते हैं। हम दान धर्म या दया भाव से उन्हें पैसे भी दे देते हैं। लेकिन क्या हमें बार बार इन गरीबों को पैसों की भीख देनी चाहिए। या पैसों के बदले उन्हें और उनके परिवार को कुछ खाने के लिए देना चाहिए? इस सवाल पर अलग अलग लोगों के अलग अलग विचार है। कुछ दानवीरों का कहना है कि गरीबों को पैसे की बहुत जरूरत होती है, दान में मिले पैसों से वे जरूरी सामान खरीद सकते है जैसे कपड़े, चादर, कंबल, दवा वगैरह।
हर इंसान के जीवन में उनकी माँ उनकी सबसे प्रथम गुरु होती है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की माताजी, हीराबा भी मोदी जी की सर्वप्रथम गुरु रहीं । उन्होंने ही अपने बेटे श्री नरेंद्र मोदी जी को सादा जीवन जीने और कोई गलत काम ना करने की सीख दी थी। वे हमेशा एक ही मंत्र उनके कानों में डालती थी, , "काम करो बुद्धी से, जीवन जियो शुद्धि से।" प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपनी माता जी को प्रेरणा की मूर्ति बताते हुए कहा, " मां से मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।"
जब हम हवाई जहाज की यात्रा करते हैं तो वहाँ हमारी सुविधा और मदद के लिए कई लोग तैनात रहते हैं जिन्हें हम फ्लाइट अटेंडेंट, केबिन क्रू या फिर एयर होस्ट अथवा एयर होस्टेस कहते हैं। इनका मुख्य कर्तव्य होता है यात्रियों की देखभाल करना, उन्हें जरूरी सामान और मदद देना और उनकी सुरक्षा तथा आराम का ख्याल रखते हुए उनकी जरुरतों को पूरा करना। इसके अलावा यात्रियों को हवाई जहाज के नियमों और सावधानियों के बारे में भी जानकारी देना उनकी ड्यूटी में शामिल है। आपने देखा होगा कि इन क्रू के सदस्यों के पास हर वक्त एक मध्यम आकार का बैग रहता है।
भारत में एक से बढ़ कर एक वीरों ने जन्म लिया . हमारे देश भारत कुर्बानियों और शहादत के लिए भी जाना जाता है और यहां तक के हमारे देश के गुरुओं ने भी देश कौम के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी है. देश और धर्म के लिए अपनी शहादत देने के लिए सिख धर्म के गुरुओं ने ही नहीं बल्कि उनके बच्चों ने भी देश और कौम की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी. सिख के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिबजादों की शहादत को कौन भुला सकता है. जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी.