हिंदी जंगल कहानी: जंगल की आग
सुंदरवन में पलटू नाम का एक गधा रहता था। वह हर समय उटपटांग हरकत करता रहता था और बिना मतलब की बातें सोचा करता था। कभी-कभी उसकी सोच के चक्कर में जंगल के जानवर भी फंस जाते थे।
सुंदरवन में पलटू नाम का एक गधा रहता था। वह हर समय उटपटांग हरकत करता रहता था और बिना मतलब की बातें सोचा करता था। कभी-कभी उसकी सोच के चक्कर में जंगल के जानवर भी फंस जाते थे।
चितवन जंगल में एक गीदड़ राह करता था। उसकी यह प्रतिदिन की आदत थी कि वह खूब तड़के जाग जाता और हवाखोरी के लिए निकल पड़ता। सुबह की ताजी हवा उसके शरीर में स्फूर्ति भरती और वह पूरे दिन तरोताज़ा रहता।
एक चिंटू नाम का बंदर था। वह बहुत शरारती और नटखट था। उसके कारण जंगल के सारे जानवर बहुत परेशान रहते थे। शरारत करने के बाद वो अपने आपको इस चालाकी से बचा लेता कि कोई उसे कुछ कह भी ना पाता।
रूमा गिलहरी फुदक-फुदक कर अमरूद इकट्ठे कर रही थी। कभी इस डाल पर तो कभी उस डाल पर, बेचारी थक कर चूर हो गई थी। "क्या बात है रूमा बहन? आज अचानक इतनी दौड़-धूप?"
पिछले कुछ दिनों से बंकट वन में बहुत चहल-पहल है। इसका कारण है जंगल में होने वाला चुनाव। जंगल के राजा शेर सिंह ने खुद घोषणा की है कि वह जंगल में लोकतंत्र लाना चाहते हैं।