जंगल का सबक: सच्ची दोस्ती की पहचान
"जंगल का सबक" कहानी में राहुल और सोहन नाम के दो दोस्त जंगल के रास्ते से गुज़रते हैं। रास्ते में उन्हें एक भालू मिलता है। राहुल डरकर पेड़ पर चढ़ जाता है, जबकि सोहन मरे होने का नाटक करके अपनी जान बचाता है।
"जंगल का सबक" कहानी में राहुल और सोहन नाम के दो दोस्त जंगल के रास्ते से गुज़रते हैं। रास्ते में उन्हें एक भालू मिलता है। राहुल डरकर पेड़ पर चढ़ जाता है, जबकि सोहन मरे होने का नाटक करके अपनी जान बचाता है।
Web Stories: जंगल के किनारे ऊंचे पेड़ पर कौआ अपना घोंसला बना रहा था। बनाते बनाते कौए को यह लगा कि अभी कुछ कमी है। उसने घोंसले के बीच में कुछ सूखी घास रख दी।
Web Stories: रूमा गिलहरी फुदक-फुदक कर अमरूद इकट्ठे कर रही थी। कभी इस डाल पर तो कभी उस डाल पर, बेचारी थक कर चूर हो गई थी। "क्या बात है रूमा बहन? आज अचानक इतनी दौड़-धूप?"
Web Stories : एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में "मोती" नाम का एक कबूतर रहता था। मोती अपने सुंदर सफेद पंखों और होशियारी के लिए जाना जाता था। लेकिन
Web Stories कभी सोचा है जंगल में भी एक जासूसी मिशन चल सकता है? आज हम आपको लेकर चलते हैं सुंदरवन के एक रहस्यमयी हिस्से में, जहाँ नन्हे जासूसों का दल एक अनोखे मिशन पर निकल पड़ा है।
कभी सोचा है जंगल में भी एक जासूसी मिशन चल सकता है? आज हम आपको लेकर चलते हैं सुंदरवन के एक रहस्यमयी हिस्से में, जहाँ नन्हे जासूसों का दल एक अनोखे मिशन पर निकल पड़ा है। रहस्य, रोमांच और हँसी-मज़ाक से भरी यह कहानी बच्चों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगी।
Web Stories: बहुत समय पहले भालू की लंबी एवं चमकदार पूंछ हुआ करती थी। भालू को इस पर बड़ा घमंड था। वह सभी से पूछता था कि आज मेरी पूंछ कैसी लग रही है?