ध्यान का रहस्य – एक प्रेरणादायक और मजेदार कहानी
Web Stories: बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव में मोहन नाम का एक व्यक्ति रहता था, जिसे ध्यान और योग करने का बहुत शौक था। लेकिन एक समस्या थी – जब भी वह ध्यान करने बैठता,
Web Stories: बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव में मोहन नाम का एक व्यक्ति रहता था, जिसे ध्यान और योग करने का बहुत शौक था। लेकिन एक समस्या थी – जब भी वह ध्यान करने बैठता,
बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव में मोहन नाम का एक व्यक्ति रहता था, जिसे ध्यान और योग करने का बहुत शौक था। लेकिन एक समस्या थी – जब भी वह ध्यान करने बैठता, उसका मन इधर-उधर भागने लगता।
विख्यात दार्शनिक एरिक हाॅफर बचपन से ही काफी मेहनती और स्वाभिमानी थे। वह कठिन से कठिन काम करने से भी नहीं घबराते थे। उनका मानना था कि मेहनत से ही असली पहचान बनती है।
एक बार एक इंसान घने जंगल में भागते-भागते भटक गया। अंधेरा छा चुका था, और उसे रास्ता नहीं सूझ रहा था। अचानक वह एक कुएं में गिरने लगा, लेकिन कुएं के ऊपर झुके पेड़ की एक डाल उसके हाथ में आ गई।
एक समय की बात है। एक गांव में कुछ मजदूर पत्थर के खंभों को तराशने का काम कर रहे थे। उसी समय, एक संत वहां से गुजरे। उन्होंने एक मजदूर से पूछा, "भाई, यहां क्या बन रहा है?
यह कहानी महान दार्शनिक सुकरात के जीवन से जुड़ी है। एक दिन उनके पास एक व्यक्ति आया और कहा, "मैं आपके दोस्त के बारे में कुछ बताना चाहता हूं।" सुकरात ने उसे रोका और कहा, "पहले मैं तुमसे एक छोटा परीक्षण करूंगा
एक बार की बात है, एक तेली के पास कोल्हू का बैल था। बैल पूरे दिन तेल निकालने के लिए कोल्हू घुमाता रहता था। तेली ने बैल की आँखों पर पट्टी बांध रखी थी, ताकि बैल यह न समझ सके कि वह सिर्फ एक ही जगह पर घूम रहा है।