बच्चों की हिंदी जंगल कहानी: असली खज़ाना
सुबह का समय था। चारों ओर चटक धूप फैली हुई थी। क्यों न हाथी के ढाबे पर चाय पी जाए। चीकू खरगोश ने सोचा और ढाबे की तरफ चल पड़ा। "नमस्ते एनी भाई" वह मुस्कुराते हुए हाथी से बोला।
सुबह का समय था। चारों ओर चटक धूप फैली हुई थी। क्यों न हाथी के ढाबे पर चाय पी जाए। चीकू खरगोश ने सोचा और ढाबे की तरफ चल पड़ा। "नमस्ते एनी भाई" वह मुस्कुराते हुए हाथी से बोला।
काफी समय की बात है। तीन दोस्त- रमन, श्याम और सूरज गांव से शहर की ओर नौकरी की तलाश में जा रहे थे। इनमें रमन और श्याम तो तेज थे लेकिन सूरज बहुत सीधा था दोनों मित्र हर काम सूरज से ही करवाते थे।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद एक भारतीय राजनीतिज्ञ, वकील, पत्रकार और विद्वान थे, जिन्होंने 1950 से 1962 तक भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।
रामचरितमानस, पंचतंत्र और सहृदयलोक-लोकन को “यूनेस्को की मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर” (UNESCO's Memory of the World Asia-Pacific Regional Register) में शामिल किया गया है।
रामचरितमानस, पंचतंत्र और सहृदयलोक-लोकन को “यूनेस्को की मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर” (UNESCO's Memory of the World Asia-Pacific Regional Register) में शामिल किया गया है।
भईया लाल एक डरपोक किस्म के व्यक्ति थे। भूत-प्रेत, जादू-टोना, बस इन्ही को लेकर वह अक्सर परेशान रहते थे। क्योंकि बचपन से ही वह एक ऐसे माहौल में रहे थे जहां पर हमेशा ऐसी अन्धविश्वासी बातों का जिक्र चल जाया करता था।