/lotpot/media/media_files/2025/03/10/TWtR2BEkYrdRoP2byq2G.jpg)
मेरे साथी – एक मज़ेदार कविता - "मेरे साथी" एक मज़ेदार और ज्ञानवर्धक कविता है, जो बच्चों को जानवरों और वस्तुओं के अनोखे स्वभाव के बारे में बताती है। यह कविता मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा भी देती है।
👉 बंदर एक मस्त कलंदर है, जो फुर्ती से इधर-उधर कूदता रहता है।
👉 घोड़ा कभी थोड़ा पानी नहीं पीता, क्योंकि वह हमेशा ऊर्जा से भरा होता है।
👉 बिल्ली दूध और मलाई की शौकीन होती है और "म्याऊँ" बोलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है।
👉 तोता "राम-राम" रटता है, जिससे उसकी बुद्धिमत्ता और नकल करने की आदत दिखती है।
👉 हाथी सबका दोस्त होता है, लेकिन उसकी बड़ी सूंड डरावनी लगती है।
👉 गुड़िया जादू की पुड़िया है, जो रूप बदलने की कला में माहिर है।
👉 टॉमी (कुत्ता) वफादार साथी है और सलामी देने में निपुण है।
कविता:
🔹 मेरा बंदर मस्त कलंदर,
पल में बाहर, पल में अंदर।
🔹 मेरा घोड़ा बड़ा निगोड़ा,
कभी न पीता पानी थोड़ा।
🔹 मेरी बिल्ली बोले म्याऊँ,
दूध मलाई चट कर जाऊँ।
🔹 मेरा बाजा करे तकाज़ा,
पढ़ लिख लो तो बनोगे राजा।
🔹 मेरा तोता पंख भिगोता,
राम-राम रट के खुश होता।
🔹 मेरा हाथी सबका साथी,
लेकिन उसकी सूंड डराती।
🔹 मेरी गुड़िया जादू की पुड़िया,
रूप बदल बन जाती बुढ़िया।
🔹 मेरा टॉमी रंग बादामी,
पाँव उठाकर करे सलामी।
🔹 इस कविता से क्या सीख मिलती है?
✔ जानवरों और वस्तुओं की अनोखी विशेषताओं को पहचानना चाहिए।
✔ पढ़ाई सबसे जरूरी चीज़ है, जो हमें सफलता दिलाती है।
✔ खेल-कूद और मस्ती के साथ सीखना भी आवश्यक है।