बाल कविता : खुशियों का झूला
"खुशियों का झूला" कविता बचपन की मासूमियत और खुशी का प्रतीक है। इसमें झूला झूलने की मस्ती और प्रकृति के संग-साथ का आनंद व्यक्त किया गया है। कविता हमें सिखाती है
"खुशियों का झूला" कविता बचपन की मासूमियत और खुशी का प्रतीक है। इसमें झूला झूलने की मस्ती और प्रकृति के संग-साथ का आनंद व्यक्त किया गया है। कविता हमें सिखाती है
इस कविता में ठंडी के दिनों के दौरान जानवरों की मुश्किलों और उनकी प्रतिक्रियाओं को दर्शाया गया है। टामी, गैया, पुसी, और कौआ, सभी ठंडी से जूझते हुए अपनी समस्याओं को व्यक्त करते हैं।
चंदामामा ठहरो थोड़ा- इस कविता में एक बच्चे की कल्पना और मासूमियत को दर्शाया गया है, जो चंदामामा को अपना दोस्त मानता है। बच्चा चाँद से लुका-छिपी खेलना चाहता है और उसे चुनौती देता है
इस कविता का उद्देश्य पेड़ लगाने के महत्व को समझाना है। पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं, जो न केवल हमें स्वच्छ हवा देते हैं बल्कि फल, फूल और दवाइयाँ भी प्रदान करते हैं।
इस कविता में गिन्नी बिल्ली और उसकी प्यारी हरकतों का वर्णन किया गया है। गिन्नी एक नटखट, चंचल और प्यारी बिल्ली है, जो अपनी म्याऊं से सभी का दिल जीत लेती है।
इस कविता का सार यह है कि दूसरों की मदद करना एक महान गुण है। चाहे छोटी-सी मदद हो या बड़ी, सच्चे दिल से की गई सहायता हमेशा दूसरों के दिल में एक खास जगह बनाती है।
यह कविता तितली रानी की सुंदरता, रंग-बिरंगे पंखों और उसके नृत्य का वर्णन करती है। तितली रानी हर फूल पर जाकर अपनी छाप छोड़ती है, उसकी मधुर गुनगुनाहट और नाचते पंखों से बगिया महक उठती है।