साधु और बिच्छू की कहानी: स्वभाव का सबक
"साधु और बिच्छू की कहानी" में एक साधु बारिश में नाली में बह रहे बिच्छू को बचाने की कोशिश करता है। बिच्छू बार-बार उसे डंक मारता है, लेकिन साधु अपने स्वभाव को नहीं बदलता। वैद्य शर्मा साधु को रोकते हैं
"साधु और बिच्छू की कहानी" में एक साधु बारिश में नाली में बह रहे बिच्छू को बचाने की कोशिश करता है। बिच्छू बार-बार उसे डंक मारता है, लेकिन साधु अपने स्वभाव को नहीं बदलता। वैद्य शर्मा साधु को रोकते हैं
Web Stories: राजू आज भी नित्य की भांति स्कूल से घर की ओर अकेला चल पड़ा था। पहले तो उसके पापा स्कूल छोड़ने जाते थे। छुट्टी हो जाने पर ले आते थे। किन्तु जब से वह कक्षा दस
Web Stories: कहते हैं ईश्वर हर जगह स्वंय भौतिक रूप में नहीं रह सकते अतः उन्होने माँ बनाई। माँ के कदमों में जन्नत होती है। ‘माँ’ शब्द में सारे संसार का स्नेह छलकने लगता
Web Stories: नट्टू बड़ा आलसी लड़का था। वह सुबह देर से उठा करता था। पढ़ाई में उसका मन बिल्कुल नहीं लगता था। कहने को तो वह रात के ग्यारह बजे तक पढ़ता था। लेकिन आँखों में नींद
Web Stories: एक मोची भगवान का सच्चा भक्त था। जब वह प्रतिदिन जूते मरम्मत व गांठने का काम करता तो उसकी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहती। वह मन ही मन कहता- हे भगवान! मैं
Web Stories: किसी गाँव में एक धनी सेठ रहता था उसके बंगले के पास एक जूते सिलने वाले गरीब मोची की छोटी सी दुकान थी। उस मोची की एक खास आदत थी कि वो जब भी जूते सिलता तो
Web Stories: किसी गांव में राम नाम का एक नवयुवक रहता था। वह बहुत मेहनती था, पर हमेशा अपने मन में एक शंका लिए रहता कि वो अपने कार्यक्षेत्र में सफल होगा या नहीं। कभी-कभी