बच्चों की हिंदी जंगल कहानी: असली खज़ाना
Web Stories : सुबह का समय था। चारों ओर चटक धूप फैली हुई थी। क्यों न हाथी के ढाबे पर चाय पी जाए। चीकू खरगोश ने सोचा और ढाबे की तरफ चल पड़ा। "नमस्ते एनी भाई" वह मुस्कुराते.
Web Stories : सुबह का समय था। चारों ओर चटक धूप फैली हुई थी। क्यों न हाथी के ढाबे पर चाय पी जाए। चीकू खरगोश ने सोचा और ढाबे की तरफ चल पड़ा। "नमस्ते एनी भाई" वह मुस्कुराते.
Web Stories: बहुत समय पहले भालू की लंबी एवं चमकदार पूंछ हुआ करती थी। भालू को इस पर बड़ा घमंड था। वह सभी से पूछता था कि आज मेरी पूंछ कैसी लग रही है?
Web Stories: किसी पहाड़ी के समीप हरे-भरे वृक्षों वाला उपवन था। उपवन में पोखर था। पोखर में एक मेंढक रहा करता था। वह पोखर भर में खूब चहलकदमी करता। उपवन की हरियाली उसे
Web Stories: जंगल का एक कोना हमेशा शांत रहता था। यहां ऊँचे-ऊँचे पेड़, मीठे झरने, और पक्षियों की चहचहाहट का साम्राज्य था। इसी जंगल में एक छोटी सी चींटी
Web Stories: क्या आपने कभी सोचा है कि हर किसी की अपनी पहचान होती है? और जब हम बिना समझे किसी की नकल (copying) करते हैं, तो उसका अजीब और मज़ेदार परिणाम भी हो सकता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि हर किसी की अपनी पहचान होती है? और जब हम बिना समझे किसी की नकल (copying) करते हैं, तो उसका अजीब और मज़ेदार परिणाम भी हो सकता है।
दूर एक घने और हरे-भरे जंगल में, जिसे ‘फ्रेंडशिप फोरेस्ट’ के नाम से जाना जाता था, विभिन्न प्रकार के जानवर आपस में खुशी और सामंजस्य के साथ रहते थे। इस जंगल की विशेषता थी उसके निवासी, जो एक-दूसरे के लिए हमेशा तैयार खड़े रहते थे।