ट्रेवल: रॉक गार्डन चंडीगढ़
रॉक गार्डन का निर्माण वर्ष 1957 में अधिकारी नेक चंद ने अपने खाली समय में अकेले ही किया था और यह शहर में लंबे समय से कल्पना और नवीनता का प्रतीक बन गया है। (Travel | Web stories)
रॉक गार्डन का निर्माण वर्ष 1957 में अधिकारी नेक चंद ने अपने खाली समय में अकेले ही किया था और यह शहर में लंबे समय से कल्पना और नवीनता का प्रतीक बन गया है। (Travel | Web stories)
पचास वर्तष पहले का एक वाकया है, साठ वर्ष तक दफ्तर में सुख से राज करने के पश्चात् जुगनू बाबू रिटायर हुए और अपने घर में आ बैठे। पहली तारीख को उनकी पेंशन मनीआर्डर से घर पहुंचने लगी।
प्रिय नन्हे पाठकों नीचे दिया गया चित्र बिना रंगों के काफी सूना लग रहा है, आप सभी को इस चित्र का प्रिंटआउट निकलवाना है और फिर इस चित्र में अपने पसंद के रंगों को भरना है।
रॉक गार्डन का निर्माण वर्ष 1957 में अधिकारी नेक चंद ने अपने खाली समय में अकेले ही किया था और यह शहर में लंबे समय से कल्पना और नवीनता का प्रतीक बन गया है।
एक बार मास्टर हरीरामजी को नौकर की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने शहर में ढिंढोरा पिटवा दिया कि एक नौकर की आवश्यकता है। यह खबर शहर में जंगल की आग की तरह फैल गई।
करीब 550 वर्ष पहले की बात है, यूरोप में उन दिनों कई छोटे-छोटे राज्य थे। प्रत्येक राज्य एक दुसरे का दुश्मन था। अक्सर उनमें युद्ध होता रहता था। सिलो और मेडोन ऐसे ही राज्य थे।