Games/Puzzles: बिंदुओं को जोड़ें
नन्हें दोस्तों दिए गए चित्र में बहुत सारी संख्या लिखी हुई हैं और इन संख्याओं के साथ ही एक डॉट (बिंदु) भी है, आपको इन संख्याओं के बिंदुओं को बढ़ते हुए क्रम में जोड़ते जाना है। (Join the Dots | Play Time)
नन्हें दोस्तों दिए गए चित्र में बहुत सारी संख्या लिखी हुई हैं और इन संख्याओं के साथ ही एक डॉट (बिंदु) भी है, आपको इन संख्याओं के बिंदुओं को बढ़ते हुए क्रम में जोड़ते जाना है। (Join the Dots | Play Time)
घूमना फिरना किसे अच्छा नहीं लगता, लेकिन घूमने-फिरने की बात आए तो मन में सिर्फ पहाड़, झरने ही आते हैं या फिर पुरानी इमारतें, जिन्हें देखकर वहां की कहानियाँ याद आती हैं।
घूमना फिरना किसे अच्छा नहीं लगता, लेकिन घूमने-फिरने की बात आए तो मन में सिर्फ पहाड़, झरने ही आते हैं या फिर पुरानी इमारतें, जिन्हें देखकर वहां की कहानियाँ याद आती हैं।
सोते हुए सपने देखने से, सपने पूरे नहीं होते, हमें जागते हुए सपने देखना चाहिए। ऐसे ही एक बच्चा था जो जागकर सपना देखता था। नाम था उसका, कोनोसुके मात्सुशिता, जिसका जन्म 1894 में जापान में हुआ था।
सोते हुए सपने देखने से, सपने पूरे नहीं होते, हमें जागते हुए सपने देखना चाहिए। ऐसे ही एक बच्चा था जो जागकर सपना देखता था। नाम था उसका, कोनोसुके मात्सुशिता, जिसका जन्म 1894 में जापान में हुआ था।
सरिता के पिता का देहान्त कब हुआ था, उसे नहीं पता। उसे तो अपने पिता की छवि तक याद नहीं। वह तो बस मां को जानती और पहचानती थी। मां ही उसे बड़ी कठिनाई से पढ़ा रही थी।