बाल कविता - हम बच्चे
बचपन (childhood) ज़िंदगी का सबसे सुंदर समय होता है। इसी मासूमियत और सपनों भरी दुनिया को दर्शाती है कविता “हम बच्चे”। यह कविता बच्चों को उनके सपनों (dreams), कल्पनाओं (imagination) और उम्मीदों (hope) की ताकत दिखाती है।
बचपन (childhood) ज़िंदगी का सबसे सुंदर समय होता है। इसी मासूमियत और सपनों भरी दुनिया को दर्शाती है कविता “हम बच्चे”। यह कविता बच्चों को उनके सपनों (dreams), कल्पनाओं (imagination) और उम्मीदों (hope) की ताकत दिखाती है।
कविता “गुड़िया की आंखों में सपने” मासूमियत और कल्पना की दुनिया को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। इसमें एक नन्ही गुड़िया की आंखों में बसे सपनों का चित्रण है, जो कभी हंसी-खुशी से भरे होते हैं और कभी गहरी सोच जगाते हैं। कुछ सपने इतने सरल....
यह कविता “बादल प्यारे” बच्चों की कल्पना और मासूम सवालों को बहुत सुंदर ढंग से सामने लाती है। इसमें बच्चा बादल से सीधे संवाद करता है और उसे एक दोस्त की तरह मानकर बातें करता है। बच्चा बादल से पूछता है कि बिना पंख के वह कैसे उड़ जाता है
कविता “हम बालक हैं…” एक प्रार्थना-गीत है जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भगवान से सच्चे मन से मार्गदर्शन माँगते हैं। बच्चे स्वयं को नादान और भोला मानते हैं और मानते हैं कि ईश्वर ही ज्ञान का असली खज़ाना हैं। इसीलिए वे उनसे प्रार्थना करते हैं ...
बच्चों, हर सुबह हमारे लिए एक नई शुरुआत लेकर आती है। जब मुर्गा बांग देता है, सूरज की लालिमा आसमान में फैलती है और पक्षी चहचहाने लगते हैं, तो यह हमें जगाने और दिन की नई ऊर्जा देने का संदेश होता है।
"चार चने" एक मज़ेदार और कल्पनाओं से भरी कविता है जो बच्चों को हंसी, खेल और दोस्ती की दुनिया में ले जाती है। इसमें एक छोटा सा सपना है – अगर हमारे पास पैसे होते तो चार चने खरीदते और उन्हें अलग-अलग जानवरों को खिलाते।
बाल कविता -कोयल:- वसंत ऋतु का मौसम हो और पेड़ों पर नए-नए पत्ते खिलें, तो जंगल और बग़ीचों में एक खास आवाज़ गूंजने लगती है – कूऊ-कूऊ। यह होती है कोयल की मधुर पुकार। काले रंग की यह नन्हीं सी चिड़िया हरे पत्तों में छुपकर