Advertisment

जैसा बोओगे वैसा काटोगे: लल्लू की मज़ेदार कहानी

जैसा बोओगे वैसा काटोगे' पर आधारित एक चटपटी कहानी। जानिए कैसे चालाक लल्लू ने अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए बिछाया जाल, लेकिन खुद ही उसमें फंस गया। 1500 शब्दों की मज़ेदार दास्तान।

New Update
jaisa-booge-vaisa-katoge-funny-kids-story-hindi3
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

हँसी-खुशी का गाँव और लल्लू की खुराफात

जैसा बोओगे वैसा काटोगे: लल्लू की मज़ेदार कहानी- हिमालय की वादियों के बीच एक छोटा सा, प्यारा सा गाँव था जिसका नाम था—'खुशहालपुर'। इस गाँव के लोग बहुत सीधे-सादे थे, सिवाय एक इंसान के, जिसका नाम था लल्लू

लल्लू दिखने में तो साधारण था—दुबला-पतला, सिर पर एक टेढ़ी टोपी और आँखों में हमेशा कुछ 'खुराफात' करने की चमक। लल्लू का मानना था कि मेहनत करना गधों का काम है और दिमाग चलाना (यानी दूसरों को उल्लू बनाना) असली इंसानों का। लल्लू का एक पड़ोसी था, सोमनाथ काका। काका बहुत ही मेहनती किसान थे। उनके खेत में हमेशा रसीले आम, लाल टमाटर और लंबी-लंबी लौकियाँ लटकती रहती थीं।

लल्लू को सोमनाथ काका की तरक्की से बड़ी जलन होती थी। वह हमेशा सोचता, "ये काका इतनी मेहनत क्यों करते हैं? और इनके खेत में इतनी अच्छी सब्जियाँ कैसे उगती हैं? ज़रूर कोई गड़बड़ है!" बस इसी जलन में लल्लू ने एक ऐसी योजना बनाई जिसे सुनकर आप अपनी हँसी नहीं रोक पाएंगे।

लल्लू का 'मास्टर प्लान': कड़वे बीज और मीठा सपना

jaisa-booge-vaisa-katoge-funny-kids-story-hindi2

एक दिन लल्लू ने सोचा कि क्यों न सोमनाथ काका के खेत को बर्बाद कर दिया जाए। वह बाज़ार गया और वहाँ से दुनिया के सबसे कड़वे और अजीब दिखने वाले 'कड़वे कद्दू' के बीज खरीद लाया। ये कद्दू इतने कड़वे थे कि अगर कोई उन्हें चख भी ले, तो तीन दिन तक ज़ुबान का स्वाद वापस न आए।

Advertisment

लल्लू ने रात के अंधेरे में चुपके से काका के खेत के एक हिस्से में वे बीज बो दिए। उसने मन ही मन सोचा, "जब काका इन्हें उगाएंगे और बाज़ार ले जाएंगे, तो लोग उन्हें खूब सुनाएंगे। उनकी बदनामी होगी और मैं मजे लूँगा। जैसा बोओगे वैसा काटोगे वाली बात तो काका पर फिट बैठेगी, पर उन्हें पता ही नहीं चलेगा कि बोया मैंने है!"

लल्लू अपनी इस 'महान' सोच पर इतना खुश था कि उसने घर आकर खुद को शाबाशी दी और चैन की नींद सो गया।

कुदरत का करिश्मा: जब लल्लू ही भूल गया अपना बोया हुआ

दिन बीतते गए। सोमनाथ काका के खेत में बेलें चढ़ने लगीं। लल्लू रोज़ दीवार के पीछे से झाँककर देखता और मुस्कुराता। लेकिन यहाँ एक ट्विस्ट आया! उस साल गाँव में ज़ोरदार बारिश हुई और हवाएँ इतनी तेज़ चलीं कि खेतों की मिट्टी और बीज यहाँ-वहाँ उड़ गए।

लल्लू का अपना एक छोटा सा किचन गार्डन था, जहाँ उसने कुछ 'विदेशी मीठे खरबूजे' बोने की योजना बनाई थी। उसने अपने नौकर से कहा था कि वह डिब्बे में रखे बीज बो दे। नौकर थोड़ा भुलक्कड़ था। उसने गलती से वही कड़वे कद्दू के बीज लल्लू के अपने बगीचे में बो दिए, जिन्हें लल्लू ने 'सीक्रेट' रखने के लिए एक सादे डिब्बे में रखा था।

लल्लू को लगा कि उसके बगीचे में मीठे खरबूजे उग रहे हैं, और काका के खेत में वह 'कड़वा रायता' फैल रहा है।

गाँव का 'सब्जी महोत्सव' और लल्लू की तैयारी

गाँव में हर साल एक 'सब्जी महोत्सव' होता था। जिस किसान की सब्जी सबसे बड़ी और स्वादिष्ट होती, उसे महाराज की ओर से सोने की 100 मोहरें मिलती थीं।

लल्लू ने देखा कि उसके बगीचे में एक विशालकाय कद्दू (जिसे वह खरबूजा समझ रहा था) उग आया है। वह आकार में इतना बड़ा था कि उसे उठाने के लिए दो लोगों की ज़रूरत पड़ती। लल्लू ने उसे कपड़े से ढककर रखा ताकि किसी की नज़र न पड़े। वह सोच रहा था, "इस बार तो स्वर्ण मुद्राएं मेरी ही हैं! और काका? बेचारे काका तो वही कड़वी फसल काट रहे होंगे जो मैंने उनके लिए बोई थी।"

उधर सोमनाथ काका के खेत में हवा के कारण जो बीज आए थे, वे संयोग से बहुत ही उन्नत किस्म के 'केसरिया कद्दू' के थे। काका ने अपनी मेहनत और प्यार से उन्हें सींचा था।

महोत्सव का दिन: पर्दाफाश और हँसी के फव्वारे

महोत्सव के दिन पूरा गाँव जमा था। राजा साहब अपने सिंहासन पर बैठे थे। सोमनाथ काका एक सुंदर, भगवा रंग का कद्दू लेकर आए। जब राजा ने उसे चखा, तो वे वाह-वाह कर उठे। वह शहद जैसा मीठा और मक्खन जैसा मुलायम था।

अब बारी थी हमारे 'मास्टरमाइंड' लल्लू की। लल्लू चार लोगों की मदद से अपना वह ढका हुआ 'विशाल खरबूजा' (असल में कड़वा कद्दू) लेकर मंच पर पहुँचा।

लल्लू ने सीना तानकर कहा, "महाराज! यह दुनिया का सबसे अनोखा फल है। इसे मैंने खास खाद और जादुई पानी से उगाया है। इसके आगे सब फीका है!"

jaisa-booge-vaisa-katoge-funny-kids-story-hindi1

राजा ने तलवार निकाली और एक बड़ा सा टुकड़ा काटकर मुँह में डाला। अगले ही पल... राजा का चेहरा लाल हो गया! उनकी आँखों से आँसू निकलने लगे। उन्होंने 'थू-थू' करते हुए वह टुकड़ा बाहर फेंक दिया।

"ये क्या है? ज़हर? रसोइए! पानी लाओ! जल्दी!" राजा चिल्लाए।

लल्लू हक्का-बक्का रह गया। उसने सोचा, "ये कैसे हो सकता है? क्या काका ने मेरा फल बदल दिया?" उसने खुद भी एक छोटा सा टुकड़ा चखा। स्वाद इतना गंदा और कड़वा था कि लल्लू वहीं ज़मीन पर लोटपोट हो गया। उसकी ज़ुबान लकड़ी जैसी सख्त महसूस होने लगी।

सच्चाई का खुलासा और काका की बुद्धिमानी

तभी सोमनाथ काका आगे आए और मुस्कुराते हुए बोले, "महाराज, माफ़ कीजिएगा। दरअसल, कुछ महीने पहले मैंने लल्लू को रात के अंधेरे में मेरे खेत में कुछ बोते हुए देखा था। मुझे शक हुआ, तो मैंने उन बीजों की जाँच करवाई। वे कड़वे कद्दू के बीज थे। मैंने वे बीज वहाँ से हटा दिए और लल्लू के ही खाली पड़े डिब्बे में वापस रख दिए थे। लल्लू ने अनजाने में वही बीज अपने घर में बो दिए जिन्हें वह मेरे लिए लाया था।"

पूरा गाँव हँस-हँसकर लोटपोट हो गया। लल्लू की चोरी पकड़ी गई थी। उसने दूसरों के लिए कड़वाहट बोई थी, और अंत में उसे खुद ही वह कड़वाहट काटनी और खानी पड़ी।

राजा ने लल्लू पर जुर्माना लगाया कि वह अगले छह महीने तक केवल वही कड़वे कद्दू खाएगा जो उसने उगाए हैं। लल्लू कान पकड़कर रोने लगा, "महाराज! अब कभी किसी के लिए बुरा नहीं सोचूँगा। मुझे समझ आ गया कि जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे!"

सीख (Moral of the Story):

हमें दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम खुद के लिए चाहते हैं। अगर हम दूसरों के रास्ते में कांटे बोएंगे, तो वे कांटे हमारे अपने पैरों में ही चुभेंगे। सच्चाई और मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है, जबकि छल-कपट का अंत कड़वा ही होता है। 

Tags : best fun story for children | best hindi fun stories | best hindi fun stories in hindi | comedy and fun stories for kids | comedy and fun story | Fun Stories | Fun Stories for Kids | fun stories in hindi | fun story | fun story for kids | fun story in hindi | Hindi fun stories | hindi fun stories for kids | Hindi Fun Story | Kids Fun Stories | Kids Fun Stories hindi | kids fun stories in hindi | kids hindi fun stories | Kids Hindi Fun Story | Lotpot Fun Stories | short fun stories | Lotpot बाल कहानी | चालाकी की कहानी | गुस्से पर कहानी | छोटी नैतिक कहानी | छोटी कहानी | छोटी प्रेरक कहानी | छोटी बाल कहानी

और पढ़ें : - 

बंदा हाज़िर हो: गप्पू की अति-उत्साही और चटपटी दास्तान

तेनाली रमन और अंगूठी चोर: जादुई संदूक का कमाल

छुपे चोर का पर्दाफाश: नन्हे जासूसों का कमाल

जो जीता वही सिकंदर: भोलूराम और गोलगप्पापुर की महा-रेस

#छोटी बाल कहानी #छोटी प्रेरक कहानी #छोटी कहानी #छोटी नैतिक कहानी #गुस्से पर कहानी #चालाकी की कहानी #Lotpot बाल कहानी #short fun stories #Lotpot Fun Stories #Kids Hindi Fun Story #kids hindi fun stories #kids fun stories in hindi #Kids Fun Stories hindi #Kids Fun Stories #Hindi Fun Story #hindi fun stories for kids #Hindi fun stories #fun story in hindi #fun story for kids #fun story #fun stories in hindi #Fun Stories for Kids #Fun Stories #comedy and fun story #comedy and fun stories for kids #best hindi fun stories in hindi #best hindi fun stories #best fun story for children
Advertisment