Motivational Story: ईश्वर को मत कोसो
बहादुर सिंह गाँव के संपन्न किसानों में से एक थे। भरा पूरा घर था, किसी चीज़ की कमी ना थी। कमी थी तो बस एक चीज की, भगवान ने जितना दिया उससे कभी खुश नहीं रहते थे। बहादुर सिंह को हमेशा भगवान से यही शिकायत रहती थी।
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बहादुर सिंह गाँव के संपन्न किसानों में से एक थे। भरा पूरा घर था, किसी चीज़ की कमी ना थी। कमी थी तो बस एक चीज की, भगवान ने जितना दिया उससे कभी खुश नहीं रहते थे। बहादुर सिंह को हमेशा भगवान से यही शिकायत रहती थी।
एक राजा था, उसका एक बड़ा-सा राज्य था। एक दिन उसे देश घूमने का विचार आया और उसने देश भ्रमण की योजना बनाई और घूमने निकल पड़ा। जब वह यात्रा से लौट कर अपने महल आया।
एक ज्ञानी ने राजकुमार को तीन छोटी गुड़ियों का सेट तोहफे के रूप में दिया। राजकुमार उस तोहफे को देखकर हैरान हुआ और उसने पूछा, ‘क्या मैं लड़की हूं जो आप मुझे यह गुड़ियाँ दे रहे हैं?’
एक समय की बात है जब भारत के एक गांव का नाम उदास था। वह डल नदी के पास स्थ्ति था। उदास गांव के रहने वाले लोग कभी भी हंसते नहीं थे। इस गांव के बच्चे भी कभी नहीं हंसे थे। बच्चे सिर्फ स्कूल जाते थे।
एक बालक था, नाम था उसका राम। उसके पिता बहुत बड़े पंडित थे। वह बहुत दिन जीवित नहीं रहे। उनकी मृत्यु के बाद राम की माँ अपने भाई के पास आकर रहने लगी। वह एकदम अनपढ़ थे। ऐसे ही पूजा-पाठ का ढोंग करके जीविका चलाते थे।
एक महिला अस्पताल में भर्ती थी वह ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी। उसका बेटा और बाकी रिश्तेदार वही आस-पास खड़े थे। और कुछ ही घंटो बाद उसकी मृत्यु हो गयी।
भोलू हाथी के माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। वह हाथियों के झुंड में रहता था, लेकिन कोई भी हाथी उसे पसंद नहीं करता था। कोई भी उस छोटे से भोलू को अपने साथ नहीं रखना चाहता था।