परिवार का असली खजाना
एक बार की बात है, एक दिल्ली शहर में गुप्ता परिवार रहता था। यह परिवार एकदम साधारण था, पर उनके बीच प्यार और सम्मान की कमी होने लगी थी। इस परिवार में चार लोग थे: माता-पिता और उनके दो बच्चे, रोहन और रीमा।
एक बार की बात है, एक दिल्ली शहर में गुप्ता परिवार रहता था। यह परिवार एकदम साधारण था, पर उनके बीच प्यार और सम्मान की कमी होने लगी थी। इस परिवार में चार लोग थे: माता-पिता और उनके दो बच्चे, रोहन और रीमा।
एक दिन, चिंटू और मोटू अपने घर के बगीचे में खेल रहे थे। तभी गप्पू दौड़ता हुआ आया और बोला, "चिंटू और मोटू! क्या तुमने सुना? चॉकलेट के पेड़ के बारे में!"
एक समय की बात है, एक घने जंगल में एक बुद्धिमान कबूतर रहता था, जिसका नाम था मीशू। मीशू के पास एक खूबसूरत पेड़ था, जिसमें वह अपने परिवार के साथ रहता था।
यह कहानी महर्षि के अद्भुत ज्ञान और उनके शिष्यों नवल और समर के जीवन की है। महर्षि ने अपने शिष्यों को हमेशा सच्चाई की महत्वता बताई। वर्षों बाद, जब महर्षि फूलपुर गाँव से गुज़रे, तो उन्होंने अपने शिष्यों को बुलाया।
"आँख की बाती" एक प्रेरणादायक कहानी है जो हमें सिखाती है कि हमारी सोच और समझ हमारे व्यवहार को कैसे प्रभावित करती है। यह कहानी एक छोटी सी बाती और एक अंधे व्यक्ति के बीच के संवाद के माध्यम से यह संदेश देती है
यह कहानी जंगल के दो जानवरों, गर्वीले शेर और विनम्र हाथी के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। इस कहानी में अहंकार और विनम्रता के बीच की लड़ाई के माध्यम से बच्चों को विनम्रता का महत्व समझाया जाता है।
इस कहानी में चिंटू नामक एक छोटे लड़के की यात्रा को दर्शाया गया है, जो अपने दोस्त के साथ खिलौने अदला-बदली करता है। इस दौरान उसे सच्चाई और ईमानदारी का महत्व समझ में आता है।