प्रेरक कहानी: बुद्ध की सीख और कालिया का बदलाव
"बुद्ध की सीख और कालिया का बदलाव" कहानी में एक डाकू कालिया 100 लोगों को मारकर उनकी अंगुलियों की माला बनाना चाहता है। भगवान बुद्ध उसके रास्ते से गुज़रते हैं। कालिया उन्हें मारना चाहता है,
"बुद्ध की सीख और कालिया का बदलाव" कहानी में एक डाकू कालिया 100 लोगों को मारकर उनकी अंगुलियों की माला बनाना चाहता है। भगवान बुद्ध उसके रास्ते से गुज़रते हैं। कालिया उन्हें मारना चाहता है,
"सच्ची सेवा का सबक" कहानी में भाई कन्हैया जी गुरु गोविंद सिंह जी की सेना में पानी पिलाने की सेवा करते हैं। वे युद्ध के मैदान में दुश्मन सैनिकों को भी पानी पिलाते हैं, जिससे कुछ सैनिक नाराज़ होकर गुरु जी से शिकायत करते हैं
एक दुखी लड़की और नदी का सबक: ज़िंदगी की सीख- एक दुखी लड़की रिया को बूढ़े मास्टर ने ज़िंदगी का सबक सिखाया। मास्टर ने उसे पहले एक गिलास पानी में नमक डालकर पिलाया, जो बहुत नमकीन और बुरा लगा। फिर उसी नमक को नदी में डालकर पानी पिलाया
माइकल फैराडे और जादुई बिजली का खेल : माइकल फैराडे ने एक बार अपने बिजली बनाने के प्रयोग को लोगों के सामने दिखाया। उन्होंने तांबे की कुंडली और चुंबक से बिजली बनाकर सबको हैरान कर दिया।
"ज़िंदगी की चाह" कहानी में दो बीमार आदमियों को अस्पताल के एक कमरे में रखा गया। एक आदमी, जिसका बिस्तर खिड़की के पास था, उसे हर दोपहर एक घंटे बैठने की सलाह थी, जबकि दूसरा आदमी पूरा समय लेटा रहता था।
आम का पेड़ और लड़के की अनमोल दोस्ती - कई साल पहले, एक गाँव के पास एक विशाल आम का पेड़ था, जिसकी डालियाँ दूर-दूर तक फैली थीं। उसकी छाँव में ठंडक थी, और उसके आम इतने रसीले थे कि दूर-दूर से लोग उसे देखने आते थे।
हीरालाल के माता-पिता का देहांत बिजली गिरने से हो गया। ज़मींदार ने दया दिखाते हुए उसे आश्रय और भोजन दिया, लेकिन सभी घरेलू काम भी करवाए। कुछ वर्षों बाद, हीरालाल को खेत में भी काम करना पड़ा। साथी मजदूर के आलसी रवैये के बावजूद हीरालाल ने मेहनत जारी रखी।