Jungle story: बुरा मत करो
नंदन वन में एक सियार रहता था। वह चालाक और चुगलखोर था। एक दिन वह शाम के समय कानन झील से गुजर रहा था। उस झील में थोड़ा सा पानी बचा हुआ था। गर्मी इतनी पड़ रही थी कि पेड़ पौधों में सूखा पड़ गया था।
नंदन वन में एक सियार रहता था। वह चालाक और चुगलखोर था। एक दिन वह शाम के समय कानन झील से गुजर रहा था। उस झील में थोड़ा सा पानी बचा हुआ था। गर्मी इतनी पड़ रही थी कि पेड़ पौधों में सूखा पड़ गया था।
वन मे कुछ दिन से चोरी होना शुरू हो गयी थी। छोटी से बड़ी चीज तक रोज रोज चोरी होने लगी। एक दिन भालू का पेन सैट चोरी हो गया एक दिन हिरन के घर से हिरनी के जेवर गायब हो गए।
पानीपत की लड़ाई छिड़ी हुई थी। पानीपत के मैदान में दोनों ओर दूर-दूर तक सैनिक लोग तम्बुओं में पड़े हुए हर समय गोला बारूद और सैनिकों से भिड़ जाने को थे। ऐसी ही एक शाम को जब लड़ाई कुछ देर के लिए रुकी हुई थी।
एक नाविक तीन साल से एक ही जहाज पर काम कर रहा था। एक दिन नाविक रात में नशे में धुत हो गया। ऐसा पहली बार हुआ था। कैप्टन ने इस घटना को रजिस्टर में इस तरह दर्ज किया।
उज्जयिनी के तत्कालीन प्रसिद्ध राजा भोज ने स्वप्न में एक दिव्य पुरूष को देखा तो उनके आने का कारण पूछा। उसने बताया "मैं सत्य हूं और तेरा भ्रम दूर करने आया हूं।” राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ।
पंडित रामगुनी को होली के रसरंग से सख्त नफरत थी। वे इसे गंवारों का त्यौहार मानकर इससे कोसों दूर रहते। इस दिन सुबह से ही बैठक के भारी भरकम दरवाजे की कुंडी चढ़ाकर आराम से लेट जाते फिर किसकी औकात।
कंस ने मथुरा के राजा वासुदेव से उनका राज्य छीनकर अपने अधीन कर लिया स्वयं शासक बनकर आत्याचार करने लगा। एक भविष्यवाणी द्वारा उसे पता चला कि वासुदेव और देवकी का आठवाँ पुत्र उसके विनाश का कारण होगा।