Fun Story: लाल और काली पतंग
एक दिन आसमान में कुछ पक्षी भी उड़ रहे थे। उन्होंने अपने बीच लाल पतंग को उड़ते देखा तो दोस्ती करने उसके पास आ गए। ‘हटो-हटो, दूर हटो। मेरे नजदीक नहीं आना। वरना मैं तुम्हें गिरा दूंगी।’
एक दिन आसमान में कुछ पक्षी भी उड़ रहे थे। उन्होंने अपने बीच लाल पतंग को उड़ते देखा तो दोस्ती करने उसके पास आ गए। ‘हटो-हटो, दूर हटो। मेरे नजदीक नहीं आना। वरना मैं तुम्हें गिरा दूंगी।’
बहुत पहले की बात है, एक बार एक बेईमान आदमी ने भोले-भाले किसान को बातों मे फंसा कर लूट लिया। गांव के रास्ते पर वह फिर मिले तो बेईमान आदमी ने कहा- ‘‘बहुत दिनों बाद मिले हो भाई!’’
एक शहर में एक दर्जी की दुकान थी। यह शहर घने जंगल के काफी करीब था। जानवर और गाँव के लोग एक साथ मिल-जुलकर रहते थे, एक हाथी हर रोज़ दर्जी की दुकान के पास से गुजरता था और दर्जी दया दिखाते हुए हर रोज़ हाथी को चावल का एक गोला खिलाता था।
वर्तमान के समय में नौकरी तो मिली नहीं इसलिए मैंने ‘असिस्टेंट यमराज’ के लिए आवेदन पत्र भर कर पोस्ट कर दिया। भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं है कहावत सच साबित हुई मुझे बिना ‘सोर्स’ के ही नौकरी मिल गई।
क्लास-टीचर गोविन्द सहाय ने कक्षा में कदम रखा। रजिस्टर खोलने से पहले उन्होंने घोषणा की- ‘‘तुम्हें याद ही होगा कि प्रधानमंत्री और विरोधी दल के नेता में जूते चल जाने के कारण प्रिंसीपल ने स्कूल की संसद भंग कर दी थी।
एक बार एक किसान अपनी पत्नी व इकलौती लड़की के साथ गांव में रहता था। एक दिन एक नौजवान आया और उस ने किसान से कहा, कि मैं आपकी बेटी से विवाह करना चाहता हूँ किसान और उसकी पत्नी बहुत खुश हुए।
शनिवार के दिन बच्चों का स्कूल सुबह का रहता है। सुभाष, मफत और किरण सारे बच्चों को सवेरे जल्दी ही उठना पड़ता है। उस दिन भी सुभाष और मफत स्कूल जाने की तैयारी में व्यस्त थे।