Fun Story: चोरी की चॉकलेट
शनिवार के दिन बच्चों का स्कूल सुबह का रहता है। सुभाष, मफत और किरण सारे बच्चों को सवेरे जल्दी ही उठना पड़ता है। उस दिन भी सुभाष और मफत स्कूल जाने की तैयारी में व्यस्त थे।
शनिवार के दिन बच्चों का स्कूल सुबह का रहता है। सुभाष, मफत और किरण सारे बच्चों को सवेरे जल्दी ही उठना पड़ता है। उस दिन भी सुभाष और मफत स्कूल जाने की तैयारी में व्यस्त थे।
एक रात की बात है शालू अपने बिस्तर पर लेटी थी। अचानक उसके कमरे की खिड़की पर बिजली चमकी। शालू घबराकर उठ गई, उसने देखा कि खिड़की के पास एक बुढ़िया हवा मे उड़ रही थी।
मेरे भईया यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं, और बस समझ लीजिए कि वे दुनियाँ के आठवें आश्चर्य हैं। छुट्टियों में घर आते ही उनका रोब शुरू हो जाता है। और वह दहाड़-दहाड़ कर कहते हैं, ‘अरे भाई, मैं चिड़िया घर का जानवर थोड़े ही हूँ।
यह उस समय की कहानी है जब मनुष्य ने विद्या और बुद्धि की उन्नति नहीं की थी, जितनी वर्तमान में कर ली है। आजकल इतने बड़े तराजू बन गये हैं, कि हाथी ही क्या मालगाड़ी के सभी डिब्बों का वज़न तोला जा सकता है।
आज अंकल को मौहल्ले के तमाम लड़के घेर कर बैठे थे। कारण यह था कि आज अंकल अपने शिकारी जीवन की सबसे अनोखी दास्तान सुनाने जा रहे थे। वे हर शाम को मौहल्ले के सारे बच्चों को एकत्रित कर उन्हें आश्चर्यजनक सत्य किस्से सुनाते थे।
सुदामा भगवान कृष्ण के बचपन के मित्र थे। सुदामा का जन्म एक गरीब ब्राहमण परिवार में हुआ था वहीं श्री कृष्ण एक अमीर परिवार में पैदा हुए थे। पर उनकी दोस्ती में कभी भी अमीरी और गरीबी की वजह से दरार नहीं आई।
एक था राजा, उसके राज्य की प्रजा बहुत सुखी और समृद्ध थी। लेकिन खुद वह बेचारा बहुत दुखी रहता था। इसका कारण राजा के चेहरे व पैरों में कुछ सफेद निशान थे। उसने अनेक वैद्यों से इसका इलाज करवाया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।