Motivational Story : महर्षि रमण और युवक की शंका
Web Stories: एक बार की बात है।महर्षि रमण (Maharshi Ramana) अपने आश्रम में शांत और ध्यानमग्न बैठे थे। वहाँ पर फूलों की खुशबू और पत्तों की सरसराहट के बीच अध्यात्म की गूंज
Web Stories: एक बार की बात है।महर्षि रमण (Maharshi Ramana) अपने आश्रम में शांत और ध्यानमग्न बैठे थे। वहाँ पर फूलों की खुशबू और पत्तों की सरसराहट के बीच अध्यात्म की गूंज
Web Stories: रानी चींटी (Rani the ant) बहुत दिनों से अपने परिवार के साथ सुख-शांति से रह रही थी। वह रोज़ाना अपने दोस्तों के साथ भोजन इकट्ठा करने जाती और खुशी-खुशी वापस घर
एक बार की बात है। महर्षि रमण (Maharshi Ramana) अपने आश्रम में शांत और ध्यानमग्न बैठे थे। वहाँ पर फूलों की खुशबू और पत्तों की सरसराहट के बीच अध्यात्म की गूंज थी।
रानी चींटी (Rani the ant) बहुत दिनों से अपने परिवार के साथ सुख-शांति से रह रही थी। वह रोज़ाना अपने दोस्तों के साथ भोजन इकट्ठा करने जाती और खुशी-खुशी वापस घर लौटती। लेकिन एक दिन अचानक सब कुछ बदल गया।
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लकड़ी का कटोरा- एक बूढ़ा कमज़ोर आदमी अपने बेटे, बहू और चार साल के पोते के साथ रहता था। उस बूढ़े आदमी की बीमारी और बुढ़ापे के कारण हाथ कांपते थे। उनकी नज़र भी कमज़ोर हो चुकी थी और वह लड़खड़ाकर चलते थे।