हिंदी प्रेरक कहानी: दोस्ती का महत्व
एक छोटे से गाँव में, दो पंद्रह साल के लड़के रहते थे अर्जुन और रितिक। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे और हमेशा साथ में समय बिताते थे। गाँव के सभी लोग उनकी दोस्ती की मिसाल देते थे।
एक छोटे से गाँव में, दो पंद्रह साल के लड़के रहते थे अर्जुन और रितिक। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे और हमेशा साथ में समय बिताते थे। गाँव के सभी लोग उनकी दोस्ती की मिसाल देते थे।
नवाब अमीरूल्लाह के पास वो सभी चीजें थीं जो एक आदमी को खुश रहने के लिए चाहिए होती हैं। उसकी एक खूबसूरत बीवी थी, एक होशियार औलाद थी और जमीन जायदाद इतनी थी कि एक खुशहाल जिंदगी जीने के लिए काफी पैसा मिल जाता था।
एक समय की बात है, एक घने जंगल में अनेक जानवर रहते थे। इस जंगल का राजा एक शक्तिशाली शेर था। सभी जानवर शेर से डरते थे, क्योंकि शेर बहुत ही ताकतवर और अहंकारी था।
अधिकांश अध्यापक कक्षा में गम्भीर रहते हैं मगर कभी-कभी हमारा सामना किसी ऐसे अध्यापक से भी हो जाता है जो असाधारण रूप से चतुर होता है। नसीरुद्दीन एक एसे ही अध्यापक थे।
गांव की एक औरत अपने लड़के को प्राइमरी स्कूल में दाखिल करवाना चाहती थी। उसका खुद का बचपन भी बड़े कष्टों में बीता था। उसका पति एक मजदूर था जो रोज कमाता और रोज खाता था।
केवल पुस्तकें पढ़ लेने से ही कोई व्यक्ति अच्छे रूप से ज्ञानी नहीं हो जाता। जीवन में कई अन्य कुशलताओं का भी उतना ही महत्व है। प्रोफेसर राव को इस बात का ज्ञान काफी समय के बाद हुआ।
किसी शहर के एक मोहल्ले में एक बूढ़ी औरत बिलकुल अकेले रहती थी। मोहल्ले में सभी उन्हें ताई जी कहते थे। वे एक बेवा थीं और उनकी आवश्यकताएं न्यूनतम थीं।