हिंदी प्रेरक कहानी: अत्याचार का प्रतीक
Web Stories: करीब तीन सौ वर्ष पहले की बात है। गढ़वाल के पूर्वी क्षेत्र खैरागढ़ में राजा भानशाही का शासन था। राजा सदैव प्रजा के हित का ध्यान रखता था, अत: उसकी प्रजा बहुत
Web Stories: करीब तीन सौ वर्ष पहले की बात है। गढ़वाल के पूर्वी क्षेत्र खैरागढ़ में राजा भानशाही का शासन था। राजा सदैव प्रजा के हित का ध्यान रखता था, अत: उसकी प्रजा बहुत
Web Stories: विख्यात दार्शनिक एरिक हाॅफर बचपन से ही काफी मेहनती और स्वाभिमानी थे। वह कठिन से कठिन काम करने से भी नहीं घबराते थे। उनका मानना था
Web Stories: बहादुर सिंह गाँव के संपन्न किसानों में से एक थे। भरा पूरा घर था, किसी चीज़ की कमी ना थी। कमी थी तो बस एक चीज की, भगवान ने जितना दिया उससे कभी खुश नहीं रहते
Web Stories: दीपू के कई मित्र थे। वह विद्यालय का सबसे प्रसिद्ध लड़का था। वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी सदैव आगे रहता था। वह कक्षा के सभी विधार्थियों से बड़े प्रेम
Web Stories: हर व्यक्ति को अपने आप पर गर्व होना ही चाहिए, वे अक्सर कहा करते थे। वे ईश्वर चन्द्र विद्या सागर थे। उन दिनों वे संस्कृत कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। चूंकि
Web Stories: एक था किसान, उसके दो पुत्र थे। थोड़ी सी जमीन थी उसके पास, जिसके बल बूते पर उसने अपने परिवार का पेट पाला था। और इसके अतिरिक्त कुछ थोड़ा बहुत धन भी बचाया
Web Stories: राजू आज भी नित्य की भांति स्कूल से घर की ओर अकेला चल पड़ा था। पहले तो उसके पापा स्कूल छोड़ने जाते थे। छुट्टी हो जाने पर ले आते थे। किन्तु जब से वह कक्षा दस