Moral Story: अच्छाई का फल
भोलू हाथी के माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। वह हाथियों के झुंड में रहता था, लेकिन कोई भी हाथी उसे पसंद नहीं करता था। कोई भी उस छोटे से भोलू को अपने साथ नहीं रखना चाहता था।
भोलू हाथी के माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। वह हाथियों के झुंड में रहता था, लेकिन कोई भी हाथी उसे पसंद नहीं करता था। कोई भी उस छोटे से भोलू को अपने साथ नहीं रखना चाहता था।
चिंपांज़ी जिसे आम बोलचाल की भाषा में कभी-कभी चिम्प भी कहा जाता है, पैन जीनस (वंश) के वानरों (एप्स) की दो वर्तमान प्रजातियों का सामान्य नाम है। कांगो नदी दोनों प्रजातियों के मूल निवास स्थान के बीच सीमा का काम करती है।
हमेशा ही मम्मी और रसोई का नाता रहा है। मैंने आज तक पापा को रसोई से पानी का गिलास खुद लेकर पीते नहीं देखा। पापा सरकारी अफसर हैं इसलिए दफ्तर के साथ साथ घर पर भी खूब रौब चलाते हैं।
यदि भारतीयों से पूछा जाए कि "धुंडिराज गोविंद फाल्के कौन थे?" तो वे कुछ भी नहीं कहेंगे। लेकिन 'दादा साहब फाल्के' नाम का उल्लेख करें तो यह अधिकांश भारतीयों को बहुत परिचित लगेगा।
दागिस्तान एक खुश्क मरूस्थल है, जहां चारों ओर रेत और पत्थरों के सिवाय कुछ भी नजर नहीं आता। वहां एक खुश्क मैदान के बीच एक छोटा सा पत्थर खड़ा है। जो एक बच्चे के समान प्रतीत होता है।
ग्लोबल वाॅर्मिंग कई कारणों से हो रही है। पृथ्वी के तापमान में हो रही वृद्धि को ग्लोबल वाॅर्मिंग कहते हैं। बीसवीं शताब्दी के आरंभ से पृथ्वी के औसत तापमान में 1.1 डिग्री फैरनहाइट की बढ़ोतरी हुई है।