बाल कहानी : जैसा कार्य वैसा बल
नर्मदा नदी के किनारे एक गांव था - कमलपुर। वहां एक बुढ़िया रहती थी, जिसका एक ही बेटा था - विक्रम। वह बेहद बलशाली था। हर कोई उसकी ताकत से डरता था,
नर्मदा नदी के किनारे एक गांव था - कमलपुर। वहां एक बुढ़िया रहती थी, जिसका एक ही बेटा था - विक्रम। वह बेहद बलशाली था। हर कोई उसकी ताकत से डरता था,
भेड़िया कई दिनों से बीमार था। इस कारण वह शिकार करने में असमर्थ था। जब वह कई दिनों से भूखा हो गया, तो भूख सहन न होने के कारण वह शिकार की तलाश में निकल पड़ा।
राजा मान सिंह का दरबार हमेशा ज्ञान और मनोरंजन का केंद्र रहता था। दरबार में सबसे चर्चित और सम्मानित व्यक्ति थे चतुर सिंह, जिनकी चतुराई और हाजिरजवाबी का हर कोई कायल था।
एक सुबह प्रदीप उठा और टहलने के लिए निकल पड़ा। वह जैसे ही गेट के बाहर निकला दो छोटे छोटे कुत्ते के पिल्ले उसके पास आ गये। दो दिन पहले ही गली की कुतियां (जिसे हमने भोली का नाम दिया हैं) के चार बच्चे पैदा हुए थे।
एक खूबसूरत हरे जंगल में, एक हिरण और एक कौआ रहता था जो बहुत अच्छे दोस्त थे। उन्हें साथ खेलना, स्वादिष्ट खाना खाना और जंगल के सभी पौधों की खोज करना बहुत पसंद था। कौआ होशियार और तेज था
ह कहानी सूरज नाम के एक लड़के की है जो एक छोटे से गाँव में रहता था। सूरज एक बहुत ही खुशमिजाज़ बच्चा था जिसे हँसना-हँसाना और मज़ाक करना बहुत पसंद था। वह अपने दोस्तों के साथ खेलने में बहुत समय बिताता था।
बात पिछली सर्दी की है। उस रात बहुत ज्यादा ठंड थी। अपनी मम्मी के कई बार मना करने पर भी अशोक अपने दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने चला गया था। पार्टी खत्म होते-होते रात के दस बज गये थे।