मजेदार बाल कहानियां :- दूध वाला स्पोंसर
दूध वाला स्पोंसर :- टीम तैयार थी उन्हें सिर्फ एक स्पोंसर की जरूरत थी। इलाके के सभी बच्चे हाॅकी बड़ी दिलचस्पी से खेलते थे। लगभग सभी के पास अपनी-अपनी हाॅकी स्टिक थी।
दूध वाला स्पोंसर :- टीम तैयार थी उन्हें सिर्फ एक स्पोंसर की जरूरत थी। इलाके के सभी बच्चे हाॅकी बड़ी दिलचस्पी से खेलते थे। लगभग सभी के पास अपनी-अपनी हाॅकी स्टिक थी।
एक समय की बात है, एक हरे-भरे जंगल में एक कुंआ था। इस कुएं के पास एक बकरी और एक लोमड़ी अक्सर मिलते-जुलते थे। बकरी का नाम था पिंकी और लोमड़ी का नाम था मीरा।
चिड़िया का बच्चा पूरा दिन अपने घोंसले में आराम से रहता था और चिड़िया बेफिक्र होकर भोजन की तलाश करने निकल जाती थी। चिड़िया ने देख-भाल कर अपना घोंसला खेत की सबसे मजबूत डाली पर बनाया था
मजेदार बाल कहानियां- सौतेली मां: एक नई शुरुआत :- ‘‘मैंने बहुत सी हिन्दी फिल्मों में देखा है कि सौतेली मां कभी ममतामयी नहीं हो सकती। हो सकता है कि वो शुरू के कुछ वर्ष प्यार दे किन्तु बाद में वो अपने रंग दिखाने लगती है।’’
मजेदार कहानी : तुम कब बड़े होगे?- राजा तेरह साल का था। उसे अपनी मां से यह वाक्य दिन में कई बार सुनना पड़ता था। राजा को एक बड़ी अजीब परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा था।
Motivational Stories : जीवन में सुख और दुख का हमारे हाथ में नियंत्रण- कुछ व्यक्ति सदैव दुखी रहते हैं, और उनका मानना होता है कि सारी मुसीबतें केवल उनके हिस्से में आती हैं।
एक बार रमेश समाचार पत्र में पढ़ता है कि उसकी पसंदीदा पुस्तकों की प्रदर्शनी लगी है। उसका मन हुआ कि वह भी प्रदर्शनी देखने जाए और वहाँ से अपनी रुचि की अच्छी पुस्तकें खरीद कर लाए। लेकिन उसने सोचा