शिक्षाप्रद कहानी : अहंकार का सबक
यह कहानी "अहंकार का सबक-Story Lesson of Ego" एक व्यवसायी की है जिसने अपने कारोबार में खूब सफलता पाई और धन-संपत्ति अर्जित की। जैसे-जैसे उसका व्यापार बढ़ता गया
यह कहानी "अहंकार का सबक-Story Lesson of Ego" एक व्यवसायी की है जिसने अपने कारोबार में खूब सफलता पाई और धन-संपत्ति अर्जित की। जैसे-जैसे उसका व्यापार बढ़ता गया
बहुत पुराने समय की बात है। एक राज्य था, जिसका राजा अहंकारी और घमंडी था। उसके पास विशाल दरबार, अनगिनत नौकर-चाकर और सभी प्रकार की राजसी सुख-सुविधाएँ थीं।
एक बार एक साधु ने सुनसान जगह पर एक झोपड़ी बना ली। वह वहीं मजे में रहने लगा। जंगली फल-फूलों से वह अपना गुजारा करता और हमेशा भगवद भजन में लीन रहता। एक दिन, तीन राजपुरुष जंगली जानवरों का शिकार करते हुए उसकी झोपड़ी के करीब आए।
एक बार की बात है। महाराणा प्रताप मोहन नामक राजा कई दिनों से बीमार थे। राजवैद्य ने उनकी बीमारी का इलाज करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे बीमारी का सही कारण पता नहीं कर सके।
एक बार की बात है, एक दिल्ली शहर में गुप्ता परिवार रहता था। यह परिवार एकदम साधारण था, पर उनके बीच प्यार और सम्मान की कमी होने लगी थी। इस परिवार में चार लोग थे: माता-पिता और उनके दो बच्चे, रोहन और रीमा।
नेपोलियन की सेनाएं पूरे उत्साह से जीतती हुईं, आगे बढ़ती जा रही थीं। एक दिन उन सेनाओं ने फ्रांस के दक्षिण बंदरगाह ताउलन की घेरेबंदी कर ली, लड़ाई पूरे जोर पर थी।
स्मार्टवॉच ने बचाई जान- एक बार की बात है, एक बड़े शहर में रोहन नाम का लड़का रहता था। वह तकनीक का बहुत शौकीन था और उसके पास कई स्मार्ट डिवाइसेस थे।
रिया की समझदारी- यह कहानी रिया नाम की एक समझदार और मेहनती लड़की की है, जो अपनी समझदारी और धैर्य से जिंदगी के बड़े संघर्षों का सामना करती है। आज के युग में सच्ची दोस्ती की परख की प्रेरणा देती यह कहानी बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख छोड़ती है।