हिंदी बाल कविता : म्याऊं म्याऊं, म्याऊं
"म्याऊं म्याऊं, म्याऊं" एक मज़ेदार कविता है, जिसमें एक बिल्ली अपनी बातें बता रही है। वह खुद को "पूसी" कहती है और चूहों को मारने की बात करती है। बिल्ली कहती है कि वह नौ सौ चूहे मारकर हज करने जाती है।
"म्याऊं म्याऊं, म्याऊं" एक मज़ेदार कविता है, जिसमें एक बिल्ली अपनी बातें बता रही है। वह खुद को "पूसी" कहती है और चूहों को मारने की बात करती है। बिल्ली कहती है कि वह नौ सौ चूहे मारकर हज करने जाती है।
एकता - यह कविता "एकता" की शक्ति और उसके प्रभाव को दर्शाती है। इसमें वर्षा की बूँदों को प्रतीक बनाकर बताया गया है कि अलग-अलग होकर भी जब सब एक साथ आती हैं तो बहुत कुछ बदल सकती हैं —
कविता में एक छोटे बच्चे के नजरिए से माँ के प्यार और देखभाल को बहुत ही प्यारे अंदाज में बताया गया है। बच्चा याद करता है कि जब वह छोटा था, माँ उसे गोद में सुलाती, दूध पिलाती और मक्खन-मिश्री खिलाती थीं।
बाल कविता : कलैण्डर की तस्वीरें- कविता का मुख्य विषय एक वर्ष के बारह महीनों को कलैण्डर की तस्वीरों के माध्यम से चित्रित करना है। प्रत्येक महीने की तस्वीर प्रकृति, मौसम, और दैनिक जीवन की घटनाओं से जुड़ी है,
प्रकृति ही सबसे बड़ी गुरु है :- क्या आपने कभी सोचा है कि सूरज, चाँद, तारे, पेड़, नदियाँ और झरने भी हमें कुछ सिखाते हैं? जी हाँ! प्रकृति की हर चीज़ हमें ज़िंदगी की एक अनमोल सीख देती है — कोई समय की महत्ता सिखाता है,
यह कविता "बच्चा होना, कितना अच्छा" बच्चों की उस मासूम और नटखट दुनिया को दर्शाती है, जहाँ छोटी-छोटी बातों में खुशी होती है। इस कविता में बच्चे की कल्पनाओं, शरारतों, खेलों और मासूमियत को सरल भाषा में बड़े ही दिलचस्प अंदाज़ में पिरोया गया है।
इस कविता "अ से अनार, आ से आम" में हिंदी वर्णमाला के अक्षरों को बच्चों के लिए सरल और मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक पंक्ति में एक अक्षर के साथ उससे जुड़ा एक शब्द है जो बच्चों को उस अक्षर की पहचान करने में मदद करता है।