Fun Story: लाल और काली पतंग
एक दिन आसमान में कुछ पक्षी भी उड़ रहे थे। उन्होंने अपने बीच लाल पतंग को उड़ते देखा तो दोस्ती करने उसके पास आ गए। ‘हटो-हटो, दूर हटो। मेरे नजदीक नहीं आना। वरना मैं तुम्हें गिरा दूंगी।’
एक दिन आसमान में कुछ पक्षी भी उड़ रहे थे। उन्होंने अपने बीच लाल पतंग को उड़ते देखा तो दोस्ती करने उसके पास आ गए। ‘हटो-हटो, दूर हटो। मेरे नजदीक नहीं आना। वरना मैं तुम्हें गिरा दूंगी।’
तीन भाई थे जिनके नाम नीले, पीले और लाली थे, वह तीनों तितली थे। वह तीनों सबसे सुंदर तितलियां थे और एक दूसरे के सबसे अच्छे मित्र भी थे। उनकी माँ रंगबिरंगी ने उन्हें सारी बातें सिखाई थी।
चंपक वन में चीकू बन्दर, मीकू खरगोश और नीटू लोमड़ की बहुच चर्चा थी। चंपक वन के निवासी जानवर उनकी दोस्ती की मिसाल दिया करते थे। वन में कोई विद्यालय नहीं था। अतः वे तीनों पड़ोस के वन में पढ़ने जाया करते थे।
मेरे पिता की सिर्फ एक आंख थी, मुझे उनसे नफरत थी, उनके साथ होते हुए मुझे शर्म आती थी। वह परिवार को चलाने के लिए छात्रों और शिक्षकों के लिए खाना बनाते थे। एक दिन जब मैं प्राथमिक पाठशाला में था, मेरे पिता मुझे हैलो कहने आए थे।
गजराज हाथीदादा को जब भी अपने दैनिक निजी कार्यों से फुरसत होती तो तुरन्त ही नमो भगवते वासुदेवाय का मंत्र जपना शुरू कर देते थे। कभी किसी ने उन्हें व्यर्थ में समय गंवाते नहीं देखा था। उनका मन सदा ईश्वर में एकाग्र रहता था।
एक समय की बात है, एक द्वीप था जहां पर सारी भावनाएं- खुशी, गम, ज्ञान और प्यार एक साथ रहते थे। एक दिन इन सभी भावनाओं को बताया गया कि वह द्वीप डूबने वाला है इसलिए सभी ने नाव बनाई।
एक राजा को अपने महल के लिए एक समझदार और ईमानदार नौकर की आवश्यकता थी। इस सेवा के लिये उस के पास तीन आदमी आए। उन में से एक दो टके का आदमी था दूसरा सौ रूपये का और तीसरा हजार रूपये मासिक वेतन का।