हिंदी नैतिक कहानी: द ग्रेटेस्ट टीचर
उस दिन की दोपहर झामू (घर का नौकर) के लिए काफी व्यस्त थी क्योंकि वो पूरा दिन मूर्ति के पीछे भागता रहा। मूर्ति बड़ा ही शरारती बच्चा था और वो कभी किसी का कहा नहीं मानता था।
उस दिन की दोपहर झामू (घर का नौकर) के लिए काफी व्यस्त थी क्योंकि वो पूरा दिन मूर्ति के पीछे भागता रहा। मूर्ति बड़ा ही शरारती बच्चा था और वो कभी किसी का कहा नहीं मानता था।
रीता और रंजन भाई-बहन थे। उनके पिता जी का तो व्यापार था। इसलिए वे अपने व्यापार में व्यस्त रहते थे। महीने में पंद्रह दिन तो व्यापार के सिलसिले में बंगलौर रहते थे। घर में मां का ही हुक्म चलता था।
अविनाश आज उदास मन से स्कूल से घर लौटा। क्या स्कूल में किसी से झगड़ा हो गया या फिर अध्यापक जी ने पढ़ाई के बारे में मारा? पता नहीं अविनाश आज क्यों उदास है।
निलेश बहुत ही शरारती लड़का था। जानवरों को मारने-पीटने और परेशान करने में उसे बहुत मजा आता था। निलेश हमेशा अपने पास एक गुलेल रखता था। इस गुलेल का प्रयोग वह जानवरों को मारने के लिए करता था।
महाराजा रणजीत सिंह के जीवन की कई घटनायें प्रसिद्ध हैं। एक बार महाराजा अपनी राजधानी विविधा का निरीक्षण करने जा रहे थे। उनके घोड़े के आगे पीछे कई सैनिक अधिकारी थे।
एक गांव में पिंकू नाम का एक लड़का रहता था, जिसे तरह-तरह की चॉकलेट्स बहुत पसंद थी। उसकी नानी यह बात जानती थीं और अक्सर पिंकू का अपने घर में स्वागत करने के लिए ढेर सारी चॉकलेट्स देती थीं।