हिंदी बाल कविता : प्रकृति से सीखो
कविता हमें प्रकृति से सीखने की प्रेरणा देती है। इसमें बताया गया है कि हमारे आसपास की हर चीज़ – पेड़, फूल, भौंरे, सूरज, हवा और मछलियाँ – हमें कुछ न कुछ सिखाती हैं।
कविता हमें प्रकृति से सीखने की प्रेरणा देती है। इसमें बताया गया है कि हमारे आसपास की हर चीज़ – पेड़, फूल, भौंरे, सूरज, हवा और मछलियाँ – हमें कुछ न कुछ सिखाती हैं।
कविता बच्चों की नटखट दुनिया और उनकी मासूमियत भरी शरारतों को दर्शाती है। यह कविता हमें बताती है कि बच्चों के संग बच्चा बनना कितना खुशनुमा और आनंददायक होता है।
आज की दुनिया में कंप्यूटर एक जादुई मशीन की तरह काम करता है। यह हमारी पढ़ाई में मदद करता है, नई चीजें सिखाता है, दुनिया की खबरें दिखाता है और ढेर सारे मजेदार खेल भी खिलाता है।
यह कविता पेड़ों की महत्ता को दर्शाती है और हमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। कवि वृक्ष की भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहता है कि उसे न काटा जाए क्योंकि वह न केवल इंसानों के लिए बल्कि पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी बहुत उपयोगी है।
एक खूबसूरत कविता है जो बादलों को बुलाने और उनसे वर्षा की आशा का वर्णन करती है। यह कविता प्रकृति के साथ मानव के अद्वितीय संबंध को दर्शाती है और बरसात के मौसम की रोमांचकारी और ताजगी भरी भावनाओं को साझा करती है।
यह कविता बच्चों को फलों की दुनिया से परिचित कराती है और उन्हें स्वस्थ भोजन खाने के लिए प्रेरित करती है। कविता की शुरुआत फल बाजार की एक रंगीन तस्वीर से होती है,
इस मज़ेदार कविता में सब्जियों की एक अनोखी बारात का वर्णन किया गया है, जिसे पढ़कर बच्चे बहुत आनंदित होंगे। कद्दू जी की बारात निकली और पूरे उत्साह के साथ सब्जियाँ इसमें शामिल हुईं।