Fun Story: मुंशी जी गिरे धड़ाम
बहुत पुरानी बात है। हमारे गांव में एक सज्जन रहते थे, नाम था उनका मुंशी सजधज लाल, जैसा नाम था, वैसा ही काम भी था, मुंशी जी घर से बाहर जब भी निकलते, तब रेशमी कुर्ता, साफ सुथरी धोती पहनते।
बहुत पुरानी बात है। हमारे गांव में एक सज्जन रहते थे, नाम था उनका मुंशी सजधज लाल, जैसा नाम था, वैसा ही काम भी था, मुंशी जी घर से बाहर जब भी निकलते, तब रेशमी कुर्ता, साफ सुथरी धोती पहनते।
गोटू और मोटू जोकर थे। और वे डंबो सर्कस में काम करते थे। वे दोनों अच्छे मित्र थे। गोटू बहुत लंबा और पतला था, जबकि मोटू छोटा व मोटा था। एक दिन गोटू और मोटू सर्कस में करतब दिखा रहे थे।
एक गांव में रामू किसान अपनी पत्नी शांति के साथ रहता था। रामू बहुत सीधा सादा और भला आदमी था। उसकी पत्नी शांति भी उसी तरह भली और नेक औरत थी। दोनों पति पत्नी घर आए महमानों की खूब खातिरदारी करते थे।
एक राजा के बारह बेटे थे। जब वे जवान हुए तो राजा ने उनसे कहा, 'जिस लड़की को तुम पसंद करोगे, उसी से तुम्हारी शादी कर दी जाएगी, लेकिन एक शर्त है। उस लड़की को एक दिन में सूत कात कर कपड़ा बुनना और कमीज सीना आता हो'।
एक मनुष्य ने दो जानवर रखे हुए थे एक कुत्ता और एक सुअर। उस मनुष्य ने कुत्ते और सुअर को बोला कि वह दोनों उसके काम में उसकी मदद करेंगे। लेकिन मनुष्य को बहुत दुख हुआ। कुत्ता और सुअर सिर्फ खाते ही रहते थे।
हीरालाल महज दस वर्ष का था जब उसके माता पिता का देहांत हो गया था। एक दिन उसके माता पिता खेतों में काम कर रहे थे तो बिजली की चपेट में आ गए थे। वह एक ज़मींदार के लिए काम करते थे।
एक समय की बात है दियत्स नाम की नगरी एक नदी किनारे बसी हुई थी। वहां का राजा बहुत ही मूर्ख और सनकी था। एक दिन राजा अपने मंत्री के साथ संध्या के समय नदी के किनारे टहल रहा था। तभी उसने मंत्री से पूछा।