बाल कविता : बच्चा होना, कितना अच्छा
कविता बच्चों की नटखट दुनिया और उनकी मासूमियत भरी शरारतों को दर्शाती है। यह कविता हमें बताती है कि बच्चों के संग बच्चा बनना कितना खुशनुमा और आनंददायक होता है।
कविता बच्चों की नटखट दुनिया और उनकी मासूमियत भरी शरारतों को दर्शाती है। यह कविता हमें बताती है कि बच्चों के संग बच्चा बनना कितना खुशनुमा और आनंददायक होता है।
यह कविता जंगल के जानवरों की एक खूबसूरत कहानी को दर्शाती है, जिसमें चूहे राजा अपनी शादी में पूरे जंगल को आमंत्रित करते हैं। चूहे राजा घोड़ी पर चढ़कर चूहिया दुल्हन को लाने जाते हैं।
यह कविता बच्चों को फलों की दुनिया से परिचित कराती है और उन्हें स्वस्थ भोजन खाने के लिए प्रेरित करती है। कविता की शुरुआत फल बाजार की एक रंगीन तस्वीर से होती है,
यह कविता बेटी के महत्व और उसकी अनमोल उपस्थिति को दर्शाती है। बेटी को ईश्वर की सौगात और जीवन में खुशियों का प्रतीक बताया गया है। वह सुबह की पहली किरण और तारों की शीतल छाया के समान जीवन में उजाला लाती है।
यह कविता माँ के निःस्वार्थ प्रेम, त्याग और बच्चों के प्रति उनकी अनमोल भावनाओं का वर्णन करती है। माँ अपनी सारी खुशियाँ और सुख अपने बच्चों के लिए न्योछावर कर देती हैं।
इस कविता में एक वृक्ष की भावुक पुकार को दर्शाया गया है। वृक्ष हमसे विनती करता है कि उसे न काटें, क्योंकि वह न केवल पक्षियों के लिए घर और भोजन का स्रोत है, बल्कि हमें शुद्ध हवा, छाया और प्रदूषण से राहत भी देता है।
यह कविता बच्चों की जिज्ञासा, आशावाद और सकारात्मक सोच को दर्शाती है। बच्चे न केवल कठिनाइयों से लड़ते हैं, बल्कि वे अपने सपनों को पूरा करने का साहस भी रखते हैं। यह कविता यह संदेश देती है कि बच्चे न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं,