Moral Story: जीवन की भागम-भाग
एक गुरूजी गुरूकुल में बालकों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। वहां बड़े-छोटे सभी घरों के बच्चे पढ़ते थे। शिष्यों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी। सभी घर लौटने की तैयारी कर रहे थे कि तभी गुरू जी वहां आ गए।
एक गुरूजी गुरूकुल में बालकों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। वहां बड़े-छोटे सभी घरों के बच्चे पढ़ते थे। शिष्यों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी। सभी घर लौटने की तैयारी कर रहे थे कि तभी गुरू जी वहां आ गए।
एक राजा ब्राह्मणों को महल के आँगन में भोजन करा रहा था। राजा का रसोइयां खुले आँगन में भोजन पका रहा था।उसी समय एक चील अपने पंजे में एक जिंदा साँप को लेकर राजा के महल के ऊपर से गुजरी।
कौशिकांबा नगर में राजा रवि एक प्रतापी, दयालु न्यायप्रिय व महान धार्मिक स्वभाव के राजा थे। वे प्रतिदिन प्रायः स्नानादि से निवृत होकर पूजापाठ में काफी समय लगाते, जब कहीं राज्य कार्य में जुटते थे।
माधव गरीब था, मगर वह मेहनती लकड़हारा था। वह राजगृह के साम्राज्य के पास एक गांव में रहता था। उसे काम करते हुए गाना गाने की आदत थी। उसका एक बेटा था, जिसका नाम किशन था।
टन..टन...न..न घंटी बजते ही बच्चे जल्दी जल्दी अपना अपना सामान बस्ते में ठूंस कर कक्षा से निकलने लगे। मदन ने अपनी किताबें समेटी ही थीं कि दीपक जल्दी से चलता हुआ उसके पास आया मदन जरा गणित की कॉपी दे देना।
स्वामी विवेकानन्द उन दिनों बालक ही थे। सत्य की खोज में वे घर से निकलकर नगर-नगर घूम रहे थे घूमते-घूमते वे काशी जा पहुँचे वहाँ मन्दिरों में घूमते हुए वे एक दिन नगर से बहुत दूर निकल गए।
मीना अपनी कक्षा में सबसे मशहूर थी। हर साल उसकी कक्षा के छात्र उसे अपना पसंदीदा छात्र मानने के लिए वोट करते थे। मीना हर किसी के साथ आराम से बात करती थी और हर कोई उसके साथ रहना पसंद करता था।
ज्ञान देती एक कहानी : बेटे राजीव के एमबीए परीक्षा का रिज़ल्ट आने वाला था। सुबह से मां इंतज़ार कर रही थी कि कब बेटा परीक्षा परिणाम लेकर घर आए। माँ ने उपवास भी रख लिया और भगवान के सामने मन्नत भी मांग ली कि अगर बेटा अच्छे नंबरों से अपनी एम बी ए की परीक्षा पास कर ले तो वो और तीन दिन का उपवास रख लेगी।
पॉजिटिव थिंकिंग उसे कहते है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कुछ अच्छा सोच लेकर आए। कभी कभी हमारे सामने ऐसी चुनौतियाँ खड़ी हो जाती है जो हमें तन और मन से परेशान कर देते हैं और ऐसा लगता है जैसे हम ऐसी स्थिति में टूट कर बिखर जाएंगे या मर जाएंगे। लेकिन अगर हम थोड़ा प्रयास करे और अपने अंदर एक पॉजीटिव सोच ले आएँ तो बड़ी से बड़ी चुनौती और संघर्ष पर आसानी से विजय प्राप्त कर सकते हैं तथा नकारात्मकता को भी सकारात्मकता में बदल सकते है।