सही निर्णय का महत्व: गिलहरी की साहसिक कहानी
सही निर्णय का महत्व: गिलहरी की साहसिक कहानी - एक दिन की बात है, एक छोटी सी गिलहरी अपने पेड़ से कूदकर एक नए फल की खोज में निकल पड़ी। >>>>>>>>>>
सही निर्णय का महत्व: गिलहरी की साहसिक कहानी - एक दिन की बात है, एक छोटी सी गिलहरी अपने पेड़ से कूदकर एक नए फल की खोज में निकल पड़ी। >>>>>>>>>>
गर्मी का मौसम जंगल में दस्तक दे चुका था। हर जानवर पसीने से तरबतर था। उसी समय जंगल में यह खबर फैली कि सूरज का जल्द ही विवाह होने वाला है। इस खबर ने कुछ जानवरों को खुशी दी
दो गिलहरियाँ थीं, सिल्लू और गिल्लू। दोनों बहुत शरारती और चतुर थीं। अन्य गिलहरियों की तरह इन्हें भी चने और मक्का खाना बहुत पसंद था। उनका घर एक कुटिया के नीचे था।
जंगल के बीचो-बीच एक बड़ा पेड़ था, जहाँ सभी जानवर इकट्ठे होते थे। इसी पेड़ के पास मंगलू बंदर रहता था, जो अपनी चालाकी के लिए पूरे जंगल में मशहूर था। एक दिन जंगल के राजा, शेरू सिंह, ने घोषणा की, "सुनो, सुनो! जो भी
एक शिकारी और लोमड़ी की कहानी - यह कहानी हमें यह समझाती है कि जीवन में संतुलन और समझदारी जरूरी है। लालच में आकर बिना सोचे-समझे किए गए निर्णय हमेशा दुखदायी होते हैं।
जंगल का जीवन अपने आप में रोमांचक और अनोखा होता है। यहां हर दिन कुछ नया होता है, और हर जानवर को अपने जीवन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस कहानी में, हम एक छोटे से तोते मिट्ठू की बुद्धिमानी और समझदारी के बारे में जानेंगे
गोलू हाथी नगर का एक बड़ा व्यापारी था। उसके पास बाजार के बाहर दो कारखाने और बाजार में तीन दुकानें थीं। वह मसालों और आलू का थोक व्यापार करता था। अपने बड़े व्यापार में मदद के लिए, गोलू को एक अच्छे सहयोगी की आवश्यकता थी।