Moral Story: स्वार्थी आदमी
एक समय की बात है, एक स्वार्थी आदमी था, उसे हर चीज़ खुद के लिए रखना पसंद था। वह अपनी चीज़ें किसी के साथ नहीं बांटता था, यहां तक कि वह अपनी चीज़ें अपने दोस्तों और गरीबों को भी नहीं देता था।
एक समय की बात है, एक स्वार्थी आदमी था, उसे हर चीज़ खुद के लिए रखना पसंद था। वह अपनी चीज़ें किसी के साथ नहीं बांटता था, यहां तक कि वह अपनी चीज़ें अपने दोस्तों और गरीबों को भी नहीं देता था।
एक समय की बात है एक जंगल में एक तोता रहता था। वह बहुत सुंदर था, उसकी चोंच और पंख बहुत ज़्यादा सुंदर थे। उस तोते के साथ उसका छोटा भाई भी रहता था, वह दोनों जंगल में खुशी खुशी रहते थे।
एक समय की बात है, एक चिड़िया पिंजरे में बंद थी और वह अपने व्यापारी मालिक के लिए गाती थी। व्यापारी उस चिड़िया की आवाज़ का इतना कायल था कि वह दिन रात उसका गाना सुनता था और खुश होकर उसे सोने के बर्तन में पानी देता था।
एक नगर का राजा, जिसे ईश्वर ने सब कुछ दिया, पर फिर भी दुःखी रहता था। एक बार वो घुमते घुमते एक छोटे से गाँव में पहुँचा जहाँ उसे एक मिट्टी के बर्तन बनाने वाला व्यक्ति दिखाई दिया।
एक समय की बात है, एक राजा था जो बीमार था। उसके राज्य के सभी डॉक्टरों और बाहर के राज्य के डॉक्टरों के पास उनकी बीमारी का कोई ईलाज नहीं था। डॉक्टर उन्हें ठीक नहीं कर पा रहे थे।
सर्दियों की एक दोपहर में एक छोटा लड़का नदी के पास के नीम के पेड़ के नीचे बैठा था। वह स्कूल से वापिस आया था और उसकी कमर में एक बड़ा बैग था। वह लड़का बहुत उदास था।
जिम हॉकिंस को एडवेंचर करना बहुत पसंद था। जब ब्लैक डॉग नाम का एक नेत्रहीन आदमी जिम और उसकी मां के साथ रहने उनके घर आया तो जिम को नहीं पता था कि वह एक बहुत खतरनाक एडवेंचर में पड़ने वाला है।
टेकापार के जंगल में जानवरों की खुशी का ठिकाना नहीं था। जंगल का कोना-कोना खुशियों से भर गया था। जंगल के बीचों-बीच एक संुदर-सा हेलीपेड जो बन गया था। खरगोश, हिरण,शाही,सियार सभी एक साथ उस ओर दौड़े चले जा रहे थे। उनका उत्साह देखते ही बनता था। उनमेें हेलीपेड देखने की होड़-सी लग गई थी।
Hindi Kids Story : गधेपन की हरकत - कालू सियार आज नदी पर बहुत ताव खा रहा था। गुस्से से उसके नथुने फड़क रहे थे। पर नदी तो नदी थी। वह तो वैसे ही मुस्कुराती बह रही थी। कालू नदी को बराबर कोसे जा रहा था और साथ में उसे देख लेने की धमकी भी दिये जा रहा था बात यह थी कि कुछ दिनों से कालू को नदी में केकड़े खाने को नहीं मिल रहे थे। उसे नदी पर शक था कि उसने केकड़ों को पानी के भीतर छिपा लिया हैं। यही वजह थी जिससे कालू नदी पर गुस्सा कर रहा था। कालू ने नदी से बदला लेने की सोच रखी थी। उसने काला रंग नदी को काला करने के लिए छोड़ दिया था।